रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अमेरा कोयला खदान के एक्सटेंशन को लेकर बुधवार को जमकर बवाल मचा। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और गुलले से हमला कर दिया। इस घटना में 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई ग्रामीण घायल हो गए।
उल्लेखनीय है कि अमेरा कोल खदान के विस्तार के लिए परसोढ़ी गांव की जमीनें वर्ष 2001 में अधिग्रहित की गई है। ग्रामीण इस खदान के विस्तार का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण कोल माइंस के लिए अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी करीब 500 की संख्या में पुलिसबल के साथ ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंचे थे। पुलिस टीम को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस की टीम पर हमला कर दिया। गुलेल से किया हमला
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ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों ने पत्थर, गुलेल से हमला किया है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्होंने पहले ग्रामीणों को समझाया उसके बाद भी भीड़ शांत नहीं हुई। स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस टीम को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हालांकि ग्रामीण और पुलिस दोनों पर आरोप है कि पथराव दोनों तरफ से किए गए हैं। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह अपनी जमीन नहीं देंगे। वहीं, प्रशासन का दावा है कि इस जमीन को पहले ही अधिग्रहण किया जा चुका है। अधिग्रहण के बाद भी किसान जमीन पर कब्जा किए हुए हैं।



