नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के चार साल बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इस रिपोर्ट में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी गई है। क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा है कि उसे ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जो यह साबित करे कि रिया ने सुशांत को धमकाया या आत्महत्या के लिए उकसाया।
उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद देशभर में जबरदस्त हंगामा हुआ और मामला सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने इस साल मार्च में दो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थीं। इसमें एक क्लोजर रिपोर्ट उस केस में है, जो सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज कराया था और दूसरा उस केस में जो खुद रिया ने सुशांत की बहनों के खिलाफ मुंबई में दायर किया था। सीबीआई की जांच में पाया गया कि रिया और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती 8 जून 2020 को सुशांत का घर छोड़कर चले गए थे और इसके बाद 14 जून तक वे कभी उस घर नहीं लौटे। इस दौरान सुशांत का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, सुशांत की बहन मीतू सिंह 8 जून से 12 जून तक उनके साथ थीं।
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रिया पर चोरी और पैसों के गबन के आरोप को भी सीबीआई ने खारिज कर दिया है। जांच में सामने आया कि जब रिया ने घर छोड़ा, तो वह सिर्फ अपना एप्पल लैपटॉप और घड़ी लेकर गई थीं, जो सुशांत ने उन्हें गिफ्ट में दी थी। इसके अलावा सुशांत की किसी भी संपत्ति को रिया या किसी अन्य आरोपी ने गैरकानूनी तरीके से नहीं लिया। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि सुशांत खुद रिया को अपने परिवार का हिस्सा मानते थे, इसलिए उनके खर्चों को ठगी या धोखाधड़ी की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। सीबीआई ने कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जो यह दर्शाए कि उन्होंने सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाया या किसी प्रकार से अवैध रूप से रोका–टोका।अब यह मामला पटना की अदालत में 20 दिसंबर को सुनवाई के लिए रखा गया है, जहां सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट पर अगला निर्णय लिया जाएगा।



