ईरानी हमलों से कतर की गैस शक्ति को बड़ा झटका: अरबों डॉलर का नुकसान, वैश्विक आपूर्ति पर संकट
कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के प्रमुख साद अल-काबी ने खुलासा किया है कि ईरान के हमलों से कतर की तरलीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात क्षमता का लगभग 17 प्रतिशत नष्ट हो गया है। इससे हर साल करीब 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
👉 यह भी पढ़ें:
- India-Russia Defence Deal: भारत के लिए रूस का मेगा डिफेंस प्रस्ताव, दुनिया भर में बढ़ी चर्चा
- India-US Trade Deal: ट्रंप ने फिर किया बड़ा दावा, बोले- मोदी मेरे दोस्त हैं, जल्द होगी डील!
- Noida Fire Breaking: IVY County और शर्मा मार्केट में एक ही दिन दो बड़ी आग की घटनाएं
- MP Breaking News: विधायक की कार बनी आग का गोला! गाय को बचाने की कोशिश में बड़ा हादसा, बाल-बाल बची जान
अल-काबी के अनुसार, मरम्मत कार्यों के चलते अगले 3 से 5 वर्षों तक हर साल लगभग 12.8 मिलियन टन गैस उत्पादन प्रभावित रहेगा। इसका सीधा असर भारत, चीन समेत यूरोप और एशिया के कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा।
हालिया हमलों में कतर की 14 गैस प्रसंस्करण इकाइयों में से कम से कम दो और दो तरल ईंधन संयंत्रों में से एक को भारी नुकसान पहुंचा है। रास लाफान ऊर्जा परिसर पर हुए मिसाइल हमले के बाद स्थिति और गंभीर हो गई।
कतर एनर्जी ने बताया कि क्षतिग्रस्त इकाइयों के कारण उसे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को गैस आपूर्ति के कई दीर्घकालिक समझौतों पर ‘अप्रत्याशित परिस्थिति’ घोषित करनी पड़ेगी।
इन संयंत्रों में एक्सॉनमोबिल और शेल जैसी बड़ी कंपनियाँ भी भागीदार हैं। मंत्री के अनुसार, क्षतिग्रस्त तरल ईंधन संयंत्र की मरम्मत में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।
अल-काबी ने चेतावनी दी कि इन हमलों ने पूरे क्षेत्र को 10 से 20 वर्ष पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि यह इलाका पहले सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब उसकी वह छवि गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।


