कथा वाचक मोहित नागर कांग्रेस में शामिल, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले-वे नहीं जाएंगे राज्यसभा, दिग्विजय सिंह भी हो सकते हैं उम्मीदवार

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भोपाल। मालवा के मशहूर कथावाचक मोहित नागर शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर पटवारी ने कहा कि वे राज्यसभा की रेस में शामिल नहीं हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह फिर से जा सकते हैं।

पटवारी से जब पूछा गया कि क्या वे राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष का पद जिम्मेदारी का पद होता है। 24 घंटे भी कम पड़ते हैं। इस तरह की जिम्मेदारी का ये पद है। तो मेरे अलावा कोई भी साथी होगा वो सौ प्रतिशत राज्यसभा जाएगा। जीतू पटवारी से पत्रकारों ने पूछा कि क्या दिग्विजय सिंह राज्यसभा के उम्मीदवार हो सकते हैं तो उन्होंने कहाबिल्कुल हो सकते हैं ये पार्टी निर्णय करेगी। पटवारी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पास होगा। उन्होंने कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है, यह देश के लिए गंभीर संकट का विषय है। भाजपा सभी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पटवारी ने कहा कि जैसे हर बार कांग्रेस मजबूत होकर आगे बढ़ी है, वैसे ही इस बार भी राज्यसभा चुनाव में पार्टी पास होगी।

दिग्विजय सिंह कर चुके हैं इनकार

उल्लेखनीय है मध्यप्रदेश में जून में खाली हो रही राज्यसभा की सीट को लेकर चर्चाएं जारी हैं। दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वे तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाना चाहते है। ऐसे में कांग्रेस में उम्मीदवार को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

लाड़ली बहना को बताया छल

पटवारी ने आज पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पूरे मप्र और देश में भयावहता है। महंगाई हर घर के चूल्हे को ग्रसित कर रही है। बहनों के साथ लाड़ली बहना एक तरह से छल था। तीन हजार रुपए का वादा करके 1500 रुपए देना। एक करोड़ बहनों को देना और तीन करोड़ बहनों को छोड़ देना। मप्र में चार करोड़ बहनें हैं जिनसे 3 हजार रुपए महीना देने का वादा था।

बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

पटवारी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मप्र में बेरोजगारी भयावह है। शिवराज और मोहन यादव की सरकार में रोजगार के सपने दिखाए गए। मप्र बेरोजगार युवाओं का गढ़ बन गया। बैकलॉग के पद हों या सामूहिक विवाह की योजना, विधवा पेंशन मात्र 600 रुपए मिल रहे हैं। मप्र कर्ज में डूबता प्रदेश बन गया है। आज फिर कर्ज लेने की तैयारी है। परसों कर्ज लिया था। कर्ज का बढ़ता बोझ मप्र के युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रहा है।

शिक्षकों को डराने का लगाय आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की क्वालिटी जीरो है। शिक्षकों की कमी हो रही है। अतिथि शिक्षकों, विद्धानों से रेगुलर करने का वादा अधूरा है। शिक्षकों के मन में फिर से एग्जाम देने का डर पैदा कर दिया। नएनए नवाचार होते हैं तो शिक्षकों को भी शिक्षित करने की आवश्यकता है। मैं जब एजुकेशन मिनिस्टर था तब मैंने शिक्षकों के ट्रेनिंग की प्रोसेस चालू की थी।

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