रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिवाली के पावन अवसर पर अग्निवीरों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने बागडोगरा एयरफील्ड में जवानों से बातचीत के दौरान अग्निपथ योजना में किए गए अहम बदलावों की घोषणा की। इस नए प्रावधान के तहत, अग्निवीरों को अपनी इच्छा और योग्यता के आधार पर दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा। यह सेवा विस्तार अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
अग्निवीरों को 2 साल का सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी मिलेगा
अग्निपथ योजना के अंतर्गत चार साल सेवा करने वाले अग्निवीरों को अब दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार, जिसे सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी कहा जाता है, दिया जाएगा। यह सुविधा 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए उपलब्ध होगी, जो पहले केवल चार साल सेवा के बाद सेवा मुक्त हो जाते थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे जवानों के लिए दिवाली का बड़ा तोहफा बताया।
👉 यह भी पढ़ें:
- जबलपुर में बनेगी 300 नई धनुष तोपें, सेना को 44 किमी से ज्यादा मारक क्षमता
- रक्षा मंत्री ने 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को दी मंजूरी
- भारतीय सेना का अभ्यास: यमुनानगर में दो जवान लापता, तलाश जारी
- महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीरों को नमन
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर में टैंक संयंत्र का भूमि पूजन किया
सेवा विस्तार के दौरान अग्निवीरों को बेहतर वेतन और सेवा लाभ भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। यह कदम जवानों को सेना में बने रहने और अपने कौशल को और बढ़ाने का मौका देगा।

स्थायी सेना में भर्ती का नया मौका
इस नए निर्णय के अनुसार, कुल छह वर्ष (चार वर्ष + दो वर्ष का एक्सटेंशन) सेवा पूरी करने वाले अग्निवीर, यदि वे निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं, तो नियमित या स्थायी सेना में भर्ती के लिए चयनित हो सकते हैं। यह पहल अग्निवीरों के लिए स्थायी करियर बनाने का रास्ता खोलती है।
यह बदलाव सेना की कार्यक्षमता और युवा सैनिकों के अनुभव को बढ़ाने में सहायक होगा। इससे सेना को लंबे समय तक प्रशिक्षित और अनुभवी जवान मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और पहले बैच को राहत
इस योजना में बदलाव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। खास बात यह है कि पहले बैच के लगभग 18,300 से 20,000 अग्निवीरों का चार वर्ष का सेवा कार्यकाल समाप्त होने वाला था। अब यह निर्णय सीधे लागू होकर उन्हें सेवा विस्तार का विकल्प देगा।
इससे पहले बैच के जवानों के भविष्य की अनिश्चितता समाप्त होगी और वे अपने सेवा जीवन को आगे बढ़ा सकेंगे। यह कदम सेना के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

राजनाथ सिंह ने जवानों को दिवाली का बड़ा तोहफा बताया
रक्षा मंत्री ने कहा कि अग्निवीरों को अतिरिक्त सेवा का अवसर देना एक महत्वपूर्ण फैसला है। उन्होंने इसे दिवाली के मौके पर जवानों के लिए सबसे बड़ा तोहफा बताया। राजनाथ सिंह ने जवानों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह सेवा विस्तार युवाओं को और अधिक उत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सेना को तकनीकी रूप से सक्षम और अनुभवी बनाए रखने में मदद करेगा। जवानों के अनुभव से सेना की लड़ाकू क्षमता में वृद्धि होगी।
अग्निपथ योजना का परिचय और इसका महत्व
अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू हुई थी, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती होती है। योजना का उद्देश्य सेना में युवा और तकनीकी रूप से सक्षम जवानों को शामिल करना है।
पहले नियम के अनुसार 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर में जगह मिलती थी, जबकि 75 प्रतिशत को चार वर्ष बाद सेवा छोड़नी पड़ती थी। अब सेवा विस्तार से यह व्यवस्था और अधिक समावेशी और लाभकारी हो गई है।
आधुनिक तकनीक और सेना का भविष्य
रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जवानों को ड्रोन संचालन, साइबर सुरक्षा जैसे प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। यह कदम सेना की भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि जवानों का मनोबल और अनुशासन सेना की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए, सेना के जवानों को न केवल तकनीकी, बल्कि अनुशासन और व्यवहार में भी उत्कृष्ट बनाना आवश्यक है।



