मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से 11 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह शीतकालीन सत्र बिना किसी अवकाश के लगातार पांच दिनों तक चलेगा। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव और वित्तीय मामलों पर चर्चा होगी।
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र कब और कैसे होगा
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर को सुबह 11 बजे शुरू होगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत इस सत्र को बुलाने की मंजूरी दी है। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने 12वें सत्र (16वीं विधानसभा) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
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सत्र के पांच दिन लगातार चलने का निर्णय लिया गया है, ताकि बिना किसी छुट्टी के विधायी कामकाज को पूरा किया जा सके।

सरकार का एजेंडा: द्वितीय अनुपूरक बजट और विधेयक
डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का दूसरा अनुपूरक बजट विधानसभा में प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा पंचायत राज और कॉलोनाइजर एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक भी सदन में लाए जाएंगे।
वित्त विभाग बजट से संबंधित दस्तावेजों को अंतिम रूप देने में व्यस्त है। दोनों विधेयकों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सदन में पेश किया जाएगा। यह विधायी कार्य पंचायत व्यवस्था और शहरी नियोजन में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।
विपक्ष की तैयारी: सरकार को घेरने के लिए मुद्दे
विपक्षी कांग्रेस पार्टी इस सत्र में शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार से कई संवेदनशील मुद्दों पर जवाब मांगने की योजना बना रही है। इनमें जहरीली शराब से मौतें, पुलिस अधिकारियों की मृत्यु, किसानों का खाद संकट और बिजली कटौती जैसे विषय शामिल हैं।
कांग्रेस सदस्यों का उद्देश्य सरकार की नीतियों पर कड़ी सवाल उठाना और जनता की समस्याओं को सदन में प्रमुखता देना होगा।
सदन की कार्यवाही और प्रश्नकाल की व्यवस्था
सत्र के पहले चार दिन प्रश्नकाल के साथ शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे। अंतिम दिन 11 दिसंबर को भी प्रश्नकाल होगा, जिसके बाद दोपहर 1:30 बजे तक सरकारी कार्य चलेंगे।
इसके बाद का समय अशासकीय संकल्पों और प्रस्तावों पर चर्चा के लिए रखा गया है। इस तरह सदन में विधायी कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम मुद्दों पर चर्चा के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा।



