इंदौर में इस वर्ष दीपावली 6 दिन की अवधि के साथ मनाई जाएगी। धार्मिक तिथियों के विशेष संयोग के कारण इस बार धनतेरस से लेकर भाई दूज तक का महापर्व पांच के बजाय छह दिनों तक चलेगा। इस बदलाव से स्थानीय लोगों में उत्सव की तैयारियां पहले से ही जोरों पर हैं।
धनतेरस से शुरू हुआ दीपावली पर्व का उत्सव
6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस के साथ इंदौर में दीपावली पर्व की शुरुआत हुई। इस दिन धन-धान्य पूजन, भगवान धन्वंतरि का पूजन और यम दीपदान की परंपरा निभाई गई। मध्य प्रदेश ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा ‘वैदिक’ के अनुसार, प्रदोषकाल में होने वाले मुख्य पूजा के कारण तिथियों में बदलाव आया है।
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धनतेरस को कार्तिक कृष्ण द्वादशी/त्रयोदशी तिथि पर मनाया गया, जिसे शुभ और समृद्धि का दिन माना जाता है। इस अवसर पर स्थानीय बाजारों में खरीदारी का उत्साह भी देखा गया।

मास शिवरात्रि और काली चौदस का पूजन 7 नवंबर को
धनतेरस के अगले दिन, 7 नवंबर को मास शिवरात्रि और काली चौदस के पूजन का आयोजन हुआ। यह दिन पारंपरिक रूप से यम दीपदान और हनुमज्जन्मोत्सव के लिए भी प्रसिद्ध है। इस दिन श्रद्धालु यमराज की पूजा करते हैं और अपने घरों तथा आस-पास दीप जलाते हैं।
यम दीपदान की परंपरा के अनुसार शाम को दीप जलाकर यमराज का पूजन किया जाता है, जिससे परिवार में सुख-शांति और दीर्घायु की कामना की जाती है।
रूप चौदस और लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर को
8 नवंबर को सुबह रूप चौदस मनाई गई, और इसी दिन शाम को प्रदोषकाल में मुख्य दीपावली यानी श्री महालक्ष्मी पूजन संपन्न हुआ। अमावस्या तिथि के कारण यह पूजा विशेष महत्व रखती है।
इस दिन घरों की साफ-सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया गया। लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं, ताकि आने वाला वर्ष समृद्ध और खुशहाल हो।

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट 10 नवंबर को
तिथियों के आगे बढ़ने के कारण गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व इस बार 10 नवंबर को मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा के रूप में प्रसिद्ध है।
अन्नकूट के दौरान विभिन्न प्रकार के भोजन का भंडारा आयोजित होता है, जिसमें श्रद्धालु भाग लेते हैं। यह आयोजन सामाजिक सद्भाव और धार्मिक भावनाओं को प्रबल करता है।
भाई दूज से छह दिवसीय दीपावली महापर्व का समापन
11 नवंबर को यम द्वितीया के रूप में भाई दूज पर्व मनाया जाएगा, जिससे छह दिवसीय दीपावली महापर्व का औपचारिक समापन होगा। यह दिन भाई-बहन के प्रेम और सौहार्द्र का प्रतीक है।
भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों के लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं। इस दिन पारिवारिक मिलन और खुशियों का माहौल बना रहता है।
इंदौर में दीपावली के दौरान बिजली की मांग में वृद्धि
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, दीपावली के दिनों में इंदौर शहर में बिजली की मांग लगभग 600 मेगावाट तक पहुंच जाती है। कुल मिलाकर पांच दिनों में लगभग 5 करोड़ यूनिट बिजली की खपत का अनुमान है।
बिजली की इस बढ़ी हुई मांग को देखते हुए स्थानीय बिजली विभाग ने आवश्यक प्रबंध किए हैं, ताकि पर्व के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई बाधा न आए।



