विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर इंदौर में खाद्य गुणवत्ता की जांचों का विश्लेषण बताया गया कि पिछले छह महीनों में खाद्य सामग्री के सैंपल में बड़ी संख्या में फेल पाए गए हैं। खाद्य गुणवत्ता जांच में यह तथ्य सामने आया कि इंदौर में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर अभी भी गंभीर सवाल हैं।
इंदौर में खाद्य गुणवत्ता जांच के आंकड़े और फेल सैंपल
इंदौर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछली तिमाही (1 जुलाई से 30 सितंबर 2026) के लिए 825 सैंपल जांचने का लक्ष्य रखा था, लेकिन विभाग ने 1,100 नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे। इन 1,100 नमूनों में से 541 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में 72 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसका मतलब यह है कि लगभग हर आठवां नमूना फेल पाया गया। यह खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर चिंता का विषय है।
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पैक्ड घी के सैंपलों में बड़ा प्रतिशत फेल
जुलाई से सितंबर 2026 के बीच पैक्ड घी के 96 सैंपलों में से 28 फेल पाए गए। इनमें से 24 सैंपल असुरक्षित जबकि 4 अमानक घोषित किए गए। यह दर्शाता है कि ब्रांडेड और पैक्ड घी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पैक्ड घी का उपयोग घरों में व्यापक रूप से किया जाता है, इसलिए इस पर कार्रवाई आवश्यक है।
प्रमुख होटल और रेस्टोरेंट्स में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर कार्रवाई
सयाजी होटल से लिए गए 8 खाद्य नमूनों में से 5 नमूने फेल पाए गए। इसके अलावा ‘एडम्स एल’ रेस्टोरेंट में एक्सपायरी उत्पाद और कीट-ग्रस्त मसाले मिलने पर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि बड़े प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही पाई जा रही है।

कानूनी कार्रवाई और जुर्माना
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अमानक खाद्य सामग्री पाए जाने पर 25 प्रकरण दर्ज किए। इन मामलों में से 12 का निपटारा करते हुए दोषियों पर कुल ₹36.50 लाख का जुर्माना लगाया गया। यह कदम खाद्य गुणवत्ता को सुधारने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जरूरी है।
अक्टूबर 2026 में औचक निरीक्षण अभियान
हाल ही में अक्टूबर 2026 में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीमों ने शहर के 8 से अधिक प्रमुख प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 20 अतिरिक्त खाद्य नमूने एकत्र किए। निरीक्षण में स्वच्छता और रखरखाव में कमी पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए। यह अभियान खाद्य सुरक्षा में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
खाद्य गुणवत्ता का आम जनता पर प्रभाव और आगे के कदम
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी का सबसे अधिक असर आम जनता पर पड़ता है। खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग की यह जांच और कार्रवाई जरूरी है। भविष्य में विभाग को और कठोर जांच और नियमित निरीक्षण बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।



