NEET परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए टास्क फोर्स ने अंतिम समय में प्रश्नपत्र तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टास्क फोर्स प्रमुख नंदन नीलेकणि ने दी नई सुझाव
इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार के प्रमुख रहे नंदन नीलेकणि ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए गठित टास्क फोर्स की अगुवाई करते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए पहले से प्रश्नपत्र छापने की बजाय, परीक्षा के दिन अंतिम समय में बड़े प्रश्न बैंक से प्रश्नपत्र जेनरेट किया जाना चाहिए।
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नीलेकणि ने नई दिल्ली में आयोजित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026’ में यह बात कही। उनका मानना है कि इस प्रणाली से पेपर लीक के कारण बनने वाले आर्थिक प्रोत्साहन खत्म हो जाएंगे और परीक्षा की सुरक्षा बढ़ेगी।

आर्थिक प्रोत्साहन खत्म करने की योजना
टास्क फोर्स के प्रमुख ने बताया कि जब प्रश्नपत्र पहले से छप जाते हैं, तो उन्हें बेचने का आर्थिक लाभ रहता है, जो पेपर लीक की मुख्य वजहों में से एक है।
इसलिए अंतिम समय में डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र तैयार करने से यह कमर्शियल इंसेंटिव खत्म हो जाएगा। इस प्रकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
AI और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
जब नंदन नीलेकणि से पूछा गया कि क्या परीक्षा के दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से प्रश्नपत्र तैयार किया जा सकता है, तो उन्होंने इसका समर्थन किया।
टास्क फोर्स ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) को बढ़ावा देने की भी सिफारिश की है ताकि पेपर लीक के जोखिम को कम किया जा सके।
परीक्षा केंद्रों का विस्तार जरूरी
नीलेकणि ने कहा कि देश में लगभग 1.5 लाख परीक्षा केंद्र वर्तमान में उपलब्ध हैं, जहां अभ्यर्थी कंप्यूटर आधारित परीक्षा दे सकते हैं।
हालांकि, CBT नेटवर्क को मजबूत करने और केंद्रों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि अधिक अभ्यर्थियों को सहज परीक्षा सुविधा मिल सके।
टास्क फोर्स गठन का कारण और सरकार का रुख
मई 2026 में NEET-UG परीक्षा के दौरान हुए पेपर लीक विवाद और छात्र विरोध को देखते हुए जुलाई 2026 में केंद्र सरकार ने यह टास्क फोर्स गठित किया था।
नंदन नीलेकणि के अनुसार, टास्क फोर्स अपनी सिफारिशें जल्द ही केंद्र सरकार को सौंपेगी, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर अमल करने को तैयार हैं।
परीक्षा सुरक्षा और जवाबदेही बढ़ाने के उपाय
हाल ही में संसदीय समिति ने भी NEET परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता पर चिंता जताई है। उन्होंने एनटीए को जवाबदेही बढ़ाने और कर्मचारियों तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने के सुझाव दिए हैं।
समिति ने बड़े और अपडेटेड प्रश्न बैंक का निर्माण करने पर भी जोर दिया है, जिससे प्रश्नपत्र तैयार करते समय प्रश्नों का चयन अप्रत्याशित हो सके।



