इंदौर में वीआईपी नंबर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। हाल ही में इंदौर आरटीओ में MP-09 BZ सीरीज के प्रीमियम वीआईपी नंबर 0001 की कीमत तीन साल बाद 5.63 लाख रुपये पार कर गई। यह वीआईपी नंबर ई-नीलामी में सबसे ऊंची बोली लगने वाला नंबर बना।
5.63 लाख रुपये में बिका इंदौर का वीआईपी नंबर 0001
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार इंदौर आरटीओ की नीलामी में MP-09 BZ सीरीज के नंबर 0001 के लिए चार दावेदार मैदान में थे। बेस प्राइस 1 लाख रुपये निर्धारित था। बोली के दौरान मुकाबला बढ़ा और अंततः यह नंबर 5.63 लाख रुपये में अंकित मुकाती को आवंटित हुआ।
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यह आंकड़ा पिछले तीन साल में इस नंबर की सबसे अधिक कीमत है, क्योंकि पिछले तीन वर्षों में यह नंबर आमतौर पर 4.5 लाख रुपये के आसपास बिका करता था।
तीन साल बाद 5 लाख रुपये का आंकड़ा पार
इंदौर में वीआईपी नंबरों की मांग में वृद्धि हो रही है। परिवहन विभाग के मुताबिक, लगभग तीन साल बाद नंबर 0001 की कीमत फिर से 5 लाख रुपये के पार चली गई है। यह दर्शाता है कि फैंसी नंबरों की लोकप्रियता और बाजार में उनकी कीमत दोनों में लगातार इजाफा हो रहा है।
इस अवधि के दौरान यह नंबर बेस प्राइस से लेकर 4.5 लाख रुपये तक में बिकता रहा था। इस बार की ऊंची बोली ने बाजार में उत्साह बढ़ा दिया है।
श्राद्धपक्ष में लगातार दूसरे सप्ताह भारी मांग
हाल के त्योहारों के सीजन में वीआईपी नंबरों की मांग में तेजी देखी गई है। शरद ऋतु के शरुआत के दौरान हुए दो सप्ताहों में नंबर 0001 की कीमत लाखों रुपये में बनी रही।
पिछले सप्ताह इसी नंबर की बोली 4.40 लाख रुपये पर लगी थी। इस सप्ताह यह कीमत और बढ़कर 5.63 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
ई-नीलामी के नियम और आगामी त्योहारों का असर
इंदौर आरटीओ में ई-नीलामी के तहत खरीदे गए फैंसी नंबर 60 दिनों के लिए वैध होते हैं। इसलिए लोग नवरात्रि, दशहरा, पुष्य नक्षत्र, धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों से पहले अपने पसंदीदा नंबर सुरक्षित कर रहे हैं।
इस कारण से इस समय वीआईपी नंबरों की मांग और कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है।
नीलामी में कुल 104 वीआईपी नंबरों पर लगी बोली
इस ई-नीलामी में कुल 104 वीआईपी नंबरों पर बोली लगाई गई। प्रीमियम नंबरों में 0001 के अलावा 9999, 0008, 0009, 9009, 7777 जैसे नंबर भी बेस प्राइस से ऊपर बिके।
हर हफ्ते सोमवार से फैंसी नंबरों की नीलामी होती है। दीपावली तक यह प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है और इससे और अधिक नंबरों पर बोली लग सकती है।
वीआईपी नंबरों की बढ़ती लोकप्रियता से आम जनता पर असर
वीआईपी नंबरों की बढ़ती कीमत सामान्य लोगों के लिए वाहन पंजीकरण में अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकती है। हालांकि, यह नंबर सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक भी बन चुके हैं।
लोग अपनी पसंद के अनुसार फैंसी नंबर लेने के लिए अधिक पैसे खर्च करने को तैयार हैं। इससे परिवहन विभाग को भी राजस्व में वृद्धि होती है।



