इंदौर मेट्रो की रफ्तार धीमी रही है, क्योंकि पहले महीने में 75 हजार से कम यात्रियों ने इस सेवा का उपयोग किया। यह आंकड़ा 17 किलोमीटर लंबे विस्तारित प्रायोरिटी कॉरिडोर पर 6 सितंबर 2026 को शुरू हुई कमर्शियल सेवा के पहले 30 दिनों के दौरान दर्ज किया गया।
पहले दिन और कामकाजी दिनों में यात्रियों की संख्या में अंतर
कमर्शियल संचालन के पहले दिन 6,000 से अधिक यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया था। हालांकि, इसके बाद के कामकाजी दिनों में यात्रियों की संख्या में गिरावट आई। पहले सप्ताह में कुल 21,500 यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया। इससे पता चलता है कि उद्घाटन उत्साह के बाद यात्रियों की संख्या सामान्य हो गई।
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रविवार को यात्रियों की संख्या अधिक रही
महीने के पांच रविवारों में यात्रियों की संख्या औसतन 5,000 प्रति रविवार रही। यह वृद्धि मुख्य रूप से मेट्रो को देखने और घूमने के लिए आने वाले लोगों की वजह से हुई। इस दौरान, यात्रियों ने मेट्रो सेवा का अधिक आनंद लिया, जो सामान्य दिनों की तुलना में बेहतर था।
यात्री संख्या कम रहने के कारण
यात्रियों ने मेट्रो के किराए को अन्य परिवहन साधनों की तुलना में अधिक बताया। इसके अलावा, अंतिम मील कनेक्टिविटी की कमी और अधिकांश स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाओं का अभाव भी सफर करने में बाधक रहा। इन कारकों ने यात्रियों को मेट्रो उपयोग करने से हतोत्साहित किया है।
राजस्व और परिचालन खर्च का संतुलन
पहले महीने में मेट्रो ने टिकट बिक्री से लगभग 30 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। हालांकि, बिजली के खर्च में लगभग 35 लाख रुपये और स्टाफ एवं रखरखाव के खर्च जोड़ने पर कुल परिचालन खर्च 50 लाख रुपये से ऊपर पहुँच गया। इससे ऑपरेटिंग घाटा स्पष्ट होता है।
मेट्रो की क्षमता का कम उपयोग
इस रूट पर दो ट्रेन सेट संचालित हो रहे हैं, जिनकी क्षमता प्रति ट्रेन लगभग 300 यात्री है। अब तक प्रति ट्रिप औसत यात्री संख्या मात्र 24 दर्ज की गई है, जो कुल क्षमता का मात्र 8% है। यह आंकड़ा मेट्रो की क्षमता के कम उपयोग को दर्शाता है और सेवा को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर संकेत देता है।
आगे की संभावनाएं और सुधार की दिशा
मेट्रो प्रबंधन को यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए किराया संरचना, अंतिम मील कनेक्टिविटी और पार्किंग जैसी सुविधाओं में सुधार करना होगा। इसके अलावा, प्रचार-प्रसार और बेहतर समय सारिणी से भी यात्री संख्या में वृद्धि हो सकती है। यदि ये कदम उठाए गए, तो इंदौर मेट्रो की रफ्तार में सुधार संभव है।



