अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस में पत्थरबाजी की घटना ने यात्रियों के बीच खलबली मचा दी। यह घटना 6 अक्टूबर 2026 की रात मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के खरगापुर रेलवे स्टेशन के पास हुई। पत्थरबाजी से ट्रेन के स्लीपर कोच S-1 और जनरल बोगियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जिससे यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
पत्थरबाजी के दौरान हुई नुकसान की स्थिति
अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी से मुख्य रूप से S-1 कोच और सामान्य बोगियों को नुकसान पहुंचा। खिड़कियों के शीशे टूटने के कारण पत्थर ट्रेन के अंदर तक पहुंच गए। इससे 1 से 2 यात्रियों के आंशिक रूप से घायल होने की जानकारी मिली। घायलों को अगले स्टेशन पर प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई गई।
पथराव की घटना कब और कहां हुई
यह घटना ट्रेन के खरगापुर रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ने के तुरंत बाद हुई, जो टीकमगढ़ जिले में आता है। ट्रेन छतरपुर स्टेशन पहुंचने से पहले ही इस हमले का शिकार हुई। इस इलाके में अज्ञात उपद्रवियों ने पत्थर फेंक कर यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया।
रेलवे और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया
पत्थरबाजी की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर ट्रैक के आसपास के क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है। आरोपी जल्द पकड़ में आने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रियों में बढ़ा सुरक्षा का मुद्दा
इस घटना से यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पत्थरबाजी जैसी घटनाएं रेलवे ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यात्रियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे को कड़े कदम उठाने होंगे।
पथराव का आम आदमी पर प्रभाव
अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटना आम आदमी की यात्रा को असुरक्षित बनाती है। इससे यात्रियों को मानसिक तनाव के साथ-साथ शारीरिक चोट का भी खतरा रहता है। ऐसे हालात में लोग सार्वजनिक परिवहन कम इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
आगे की संभावित कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम
रेलवे प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा सकते हैं। CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाना और रेलवे स्टेशनों पर पैट्रोलिंग तेज करना आवश्यक होगा। इसके अलावा, यात्री सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा सकते हैं।



