इंदौर हाईकोर्ट ने अवैध होर्डिंग शिकायत पर 4 हफ्ते में फैसला करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश से नगर निगम को अवैध होर्डिंग्स के मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी होगी।
इंदौर हाईकोर्ट ने नगर निगम को दिया सख्त निर्देश
1 अक्टूबर 2026 को इंदौर उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने नगर निगम को याचिकाकर्ता प्रह्लाद पांडेय की शिकायत पर 4 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की अदालत ने इस मामले में स्पष्ट कहा कि पहले भी 14 जून 2022 को इसी विषय पर आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन उनका पालन नहीं होना “दुखद” है।
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याचिका में मध्य प्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम, 2017 का सख्ती से पालन करने, बिना अनुमति के लगे होर्डिंग्स हटाने और जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

शिकायत के पीछे प्रह्लाद पांडेय की भूमिका
यह याचिका राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडेय द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर की गई थी। उन्होंने 29 जुलाई 2026 को नगर निगम को अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत की थी।
पांडेय का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर होर्डिंग्स लगाना नगर की सौंदर्य और सुरक्षा के लिए खतरा है। नगर निगम को शिकायत मिलने के बाद इसपर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
अवैध होर्डिंग शिकायत पर पहले भी कड़ा रुख दिखाया गया
इंदौर हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में भी एक मामले में अवैध राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक होर्डिंग्स को 24 घंटे में हटाने और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। यह कदम अवैध विज्ञापन से निपटने के लिए न्यायालय की सजगता को दर्शाता है।
फिलहाल, नगर निगम को इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा ताकि अवैध होर्डिंग्स का तेजी से निष्पादन हो सके।
मध्य प्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम, 2017 का महत्व
यह नियम शहरों में होर्डिंग्स, बैनर और अन्य आउटडोर विज्ञापनों के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करता है। नियमों का सख्ती से पालन नगर की सुंदरता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
नियमों के तहत अनुमति के बिना लगाई गई होर्डिंग्स को हटाना और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना अनिवार्य है। इससे शहर की अव्यवस्था कम होती है।
नगर निगम के लिए चुनौती और आम आदमी पर असर
नगर निगम को अब 4 सप्ताह के अंदर अवैध होर्डिंग शिकायत पर उचित निर्णय लेना होगा। यह चुनौती प्रशासन के सामने है कि वह नियमों का पालन कर सके।
आम नागरिकों के लिए यह कदम महत्व रखता है क्योंकि अवैध होर्डिंग्स से दुर्घटना और दृश्य प्रदूषण बढ़ता है। सही कार्रवाई से शहर का वातावरण सुधरेगा।
आगे की कार्रवाई और संभावित परिणाम
कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम को शिकायत की जांच कर जल्द निर्णय देना होगा। यदि निगम ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो पुनः कड़ी सुनवाई हो सकती है।
नियमों के कड़ाई से पालन से इंदौर में अवैध होर्डिंग्स पर अंकुश लगेगा और शहर का सौंदर्य बढ़ेगा। इससे अन्य नगर निगमों के लिए भी मिसाल कायम होगी।



