इंदौर में दीपावली पर जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को लेकर व्यापारियों और कर सलाहकारों में चिंता बढ़ गई है। अक्टूबर माह के मासिक जीएसटी रिटर्न (जीएसटीआर-1) की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 है, जबकि दीपावली का मुख्य त्योहार 8 नवंबर 2026 को पड़ रहा है। इस दो दिन के अंतराल के कारण व्यापारियों को रिटर्न भरने में कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं।
दीपावली और जीएसटी रिटर्न की तारीखों का टकराव
दीपावली, जो इंदौर समेत देशभर में बड़े उत्साह से मनाया जाता है, इस बार 8 नवंबर को है। वहीं, अक्टूबर माह का जीएसटीआर-1 रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 10 नवंबर रखी गई है। इसलिए व्यापारियों के लिए त्योहार के बाद मात्र दो दिन का समय बचता है। यह समय बाजारों में सबसे व्यस्त होता है, जहां बिक्री और खरीदारी अपने चरम पर होती है।
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इस कारण व्यस्तताओं के बीच व्यापारियों के लिए समय पर जीएसटी रिटर्न भरना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
कर सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की छुट्टियां बढ़ी परेशानी
दीपावली के कारण चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कर सलाहकार और अकाउंटेंट भी त्योहार की छुट्टियों पर रहते हैं। नतीजतन, वे करदाताओं को समय पर रिटर्न दाखिल करने के लिए आवश्यक सहायता नहीं दे पाते। इससे व्यापारियों को रिटर्न भरने की प्रक्रिया में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस स्थिति में, कर पेशेवरों की अनुपलब्धता व्यापारियों की परेशानियों को और बढ़ाती है।
व्यापारिक संगठनों की तारीख बढ़ाने की मांग
इंदौर के कई व्यापारिक संगठन और कर सलाहकारों ने केंद्रीय जीएसटी काउंसिल से अक्टूबर माह के जीएसटीआर-1 रिटर्न की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है। उनका तर्क है कि दीपावली के नजदीक यह डेडलाइन व्यापारियों के लिए उचित नहीं है।
वे चाहते हैं कि त्योहार के बाद कम से कम एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि व्यापारिक गतिविधियों और रिटर्न फाइलिंग दोनों में संतुलन बना रहे।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पर पड़ सकता है असर
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) इंदौर ब्रांच के पूर्व अध्यक्ष सीए कीर्ति जोशी के अनुसार, यदि विक्रेता समय पर जीएसटीआर-1 रिटर्न नहीं दाखिल करता है, तो खरीदार व्यापारी के ‘2B’ फॉर्म में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नहीं देख पाएंगे।
यह स्थिति खरीदारों को वित्तीय नुकसान पहुंचा सकती है क्योंकि ITC उनके कर बोझ को कम करने में मदद करता है। इसलिए समय पर रिटर्न फाइलिंग व्यापारिक पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।
व्यापारियों की तैयारी और चुनौतियां
दीपावली के दौरान बाजारों में भारी भीड़ और तेजी से बिक्री होती है। व्यापारियों के पास रिटर्न भरने के लिए कम समय बचता है। इसके अलावा, त्योहार के कारण स्टाफ की उपस्थिति भी कम होती है।
इस सबके चलते कर संबंधित दस्तावेजों को सही समय पर तैयार करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए व्यापारियों को अब से ही योजना बनाकर और समय प्रबंधन करके इस चुनौती से निपटना होगा।
आगे क्या हो सकता है
केंद्रीय जीएसटी काउंसिल इस मांग पर विचार कर सकता है। यदि अंतिम तारीख बढ़ाई जाती है, तो व्यापारियों को राहत मिलेगी। लेकिन फिलहाल, निर्धारित डेडलाइन ही लागू है।
व्यापारियों और कर सलाहकारों को चाहिए कि वे जल्द से जल्द तैयारी शुरू करें और सरकारी अपडेट्स पर नजर रखें। इससे वे समय पर रिटर्न दाखिल कर अपनी वित्तीय जिम्मेदारियां पूरी कर सकेंगे।



