शशि थरूर के गढ़ तिरुवनंतपुरम में भाजपा की एंट्री, पीएम मोदी ने जनता को और थरूर ने भाजपा को दी बधाई

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नई दिल्ली। केरल के तिरुवनंतपुरम के निकाय चुनाव में भाजपा यानी एनडीए को भारी जीत मिली है। कांग्रेस नेता शशि थरूर यहीं से सांसद हैं। इस जीत पर पीएम नरेंद्र मोदी ने केरल की जनता को जहां बधाई दी है, वहीं शशि थरूर ने भाजपा को बधाई दी है। इस जीत के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है, क्योंकि पिछले काफी समय से थरूर भाजपा के करीब आते दिखाई दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से शशि थरूर को लेकर कांग्रेस परेशान है। चाहे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विदेश गए सांसदों के दल का मामला हो या फिर हाल ही में रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ भोज का थरूर को ही केंद्र सरकार ने महत्व दिया है। थरूर की पार्टी आलाकमान की बैठकों से दूरी और भाजपा से नजदीकी इस बात की तस्दीक है कि थरूर के मन के अंदर कुछ तो चल रहा है। हाल ही में थरूर ने कोलकाता के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस लोकसभा सांसदों की बैठक छोड़ दी। तो इससे पहले थरूर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई उस बैठक में से भी नदारद रहे, जहां पार्टी की शीतकालीन सत्र की रणनीति पर चर्चा होनी थी। वहीं अब अपने लोकसभा क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत पर विरोधी दल को बधाई देना भी चर्चा का विषय बन चुका है।

पीएम मोदी ने केरल के लोगों को दी बधाई

इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल की जनता को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि केरल के उन सभी लोगों का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राज्य में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिया। केरल की जनता अब यूडीएफ और एलडीएफ दोनों से ऊब चुकी है। उन्हें भरोसा है कि सुशासन देने और सभी के लिए अवसरों से भरा विकसित केरल बनाने का काम केवल एनडीए ही कर सकता है। पीएम मोदी ने लिखा धन्यवाद तिरुवनंतपुरम! तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन में भाजपाएनडीए को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है।

शशि थरूर ने भाजपा के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताया

केरल के स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों पर शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में तिरुवनंतपुरम में भाजपा के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताया है। शशि थरूर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि मैं तिरुवनंतपुरम में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन को भी स्वीकार करना चाहता हूं और नगर निगम में उनकी महत्वपूर्ण जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। यह मजबूत प्रदर्शन राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य में एक उल्लेखनीय बदलाव का प्रतीक है। थरूर ने लिखा- मैंने 45 वर्षों के एलडीएफ के कुशासन से मुक्ति के लिए प्रचार किया, लेकिन मतदाताओं ने अंततः एक ऐसी पार्टी को पुरस्कृत किया, जिसने शासन में स्पष्ट बदलाव की मांग की थी। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो की नीति विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा देती है। हमने स्पष्ट किया किया था सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।