सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के फ्रीज बैंक अकाउंट उपयोग पर रोक लगा दी है। 1 अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की बेंच ने तृणमूल कांग्रेस के चार फ्रीज किए गए बैंक खातों को संचालित करने की याचिका को खारिज कर दिया। यह फैसला राजनीतिक और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वे कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप नहीं करेंगे जिसमें टीएमसी के फ्रीज बैंक अकाउंट उपयोग पर लगी रोक को बरकरार रखा गया है। हाईकोर्ट ने पहले भी इन खातों को संचालित करने की मांग को ठुकरा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया का विषय है और इसे कोर्ट के उच्चतम स्तर पर त्वरित निपटारा चाहिए।
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फ्रीज बैंक खातों में जमा राशि और जांच का कारण
ममता बनर्जी के फ्रीज बैंक अकाउंट उपयोग पर रोक में चार खातों में लगभग ₹804 करोड़ रुपये जमा हैं। ये खाते पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद डेबिट-फ्रीज किए गए थे। शिकायत में सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय द्वारा ₹35 करोड़ की नकदी जमा कराने की बात सामने आई है, जिसकी जांच अभी जारी है।
सुप्रीम कोर्ट का मुख्य तर्क और संवैधानिक अनुच्छेद 136 का हवाला
कोर्ट ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग ने टीएमसी के चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया है, इसलिए यह विवादित है कि इन खातों में जमा राशि का वास्तविक मालिक कौन है। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने असाधारण अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने से इनकार किया और कहा कि इस मामले की जांच कलकत्ता हाईकोर्ट कर रहा है। कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई त्वरित करने का अनुरोध किया।

टीएमसी की दलील और पार्टी के रोजमर्रा के खर्चों पर प्रभाव
ममता बनर्जी गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि पार्टी के संचालन के लिए कम से कम ₹12.15 करोड़ प्रति माह की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खातों का फ्रीज होना पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को बाधित कर रहा है। यह दलील सुप्रीम कोर्ट में याचिका के दौरान पेश की गई थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल कोई राहत देने से इनकार किया।
ईडी की भूमिका और जांच की वर्तमान स्थिति
ईडी ने बताया है कि टीएमसी के फ्रीज किए गए खातों में से कुछ राशि का उपयोग पार्टी के दैनिक खर्चों के लिए किया जाना चाहिए। हालांकि, ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और अवैध धन प्रवाह की जांच की जा रही है। अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच खातों से करोड़ों रुपये विमान और हेलीकाप्टर खरीदने में लगे हैं, जो जांच का हिस्सा है।
आगे की संभावनाएं और राजनीतिक असर
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी के फ्रीज बैंक अकाउंट उपयोग पर रोक से पार्टी के वित्तीय संसाधनों पर असर पड़ेगा। राजनीतिक रूप से यह विवाद आगामी चुनावों और पार्टी की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने के कारण इस मामले में आगे भी महत्वपूर्ण फैसले आने की संभावना है।



