अमित शाह ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति सम्मेलन में नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च किया। यह प्रत्यर्पण पोर्टल विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए बनाया गया है। अमित शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है।
नए प्रत्यर्पण पोर्टल से विदेशों से भगोड़ों की वापसी आसान
नया प्रत्यर्पण पोर्टल विदेशी देशों से भगोड़ों को पकड़कर भारत लाने की प्रक्रिया को सरल और तेज करेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए समर्पित विशेष टीमों का गठन करें। इससे भगोड़ों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण में बेहतर समन्वय होगा।
👉 यह भी पढ़ें:
इस पहल से विदेशों में छिपे अपराधियों को पकड़ना और उनकी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना सुगम होगा। इसके अलावा, यह पोर्टल आतंकवाद-रोधी कामकाज को मजबूत करने में भी सहायक साबित होगा।

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल ध्वस्त
अमित शाह ने बताया कि बेहतर समन्वय और सक्रिय कार्रवाई के चलते शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल को ध्वस्त किया जा चुका है। यह नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था।
देश के 15 राज्यों में इस नेटवर्क के खिलाफ 100 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और अब तक 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार ने इस नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।
आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ को थाना स्तर तक ले जाने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि भारत की पहली आतंकरोधी नीति ‘प्रहार’ को अगले दस वर्षों के लिए और भी मजबूत किया जाएगा। इस नीति के तहत रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकार, आतंकवाद के अनुकूल परिस्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय समन्वय तथा रिकवरी व लचीलापन जैसे सात स्तंभ शामिल हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ‘प्रहार’ रणनीति को थाना स्तर तक ले जाना अनिवार्य है, जिससे आतंकवाद-रोधी कार्रवाई जमीनी स्तर पर भी प्रभावी हो सके।

राज्य पुलिस बलों से समर्पित विशेष टीम गठित करने का आह्वान
गृह मंत्री ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर समर्पित विशेष टीमों का गठन करें। यह टीमें प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाएंगी।
इस पहल से राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और भगोड़ों की गिरफ्तारी में देरी कम होगी। इससे आम जनता की सुरक्षा भी मजबूत होगी क्योंकि अपराधियों की वापसी पर रोक लगेगी।
प्रत्यर्पण पोर्टल से आम जनता को क्या लाभ होगा?
इस नए प्रत्यर्पण पोर्टल के कारण देश को आतंकी और अपराधी तत्वों से निजात मिलने की संभावना बढ़ेगी। आम आदमी की सुरक्षा बेहतर होगी क्योंकि भगोड़े अपराधी न्याय के कटघरे में जल्दी लाए जाएंगे।
इसके अलावा, यह कदम भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मजबूत करेगा, जिससे आतंकवाद और अपराध के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग भी बढ़ेगा।
अगले कदम: प्रत्यर्पण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की तैयारी
सरकार भविष्य में इस प्रत्यर्पण पोर्टल को और अधिक तकनीकी और कानूनी रूप से सशक्त बनाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देकर भगोड़ों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ के तहत सभी एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा ताकि देश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।



