महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार से विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सूखे के कारण उत्पन्न किसानों के संकट पर चर्चा के लिए तुरंत 2 से 3 दिनों का विशेष सत्र आयोजित करने का आग्रह किया।
विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग पर उद्धव ठाकरे की आपत्ति
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार को तत्काल प्रभाव से विशेष विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए। यह सत्र सूखे के कारण किसानों को हो रही समस्याओं और राहत उपायों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस संकट से निपटने के लिए ठोस और पारदर्शी कदम उठाने की अपील की।

सूखे प्रभावित क्षेत्रों में विशेष कैबिनेट बैठक की आवश्यकता
ठाकरे ने सुझाव दिया कि सरकार को सूखे से सबसे अधिक प्रभावित पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर, मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर और विदर्भ जैसे इलाकों में विशेष कैबिनेट बैठकें आयोजित करनी चाहिए। इन बैठकों में क्षेत्रीय समस्याओं और किसानों की वित्तीय मदद के तरीकों पर चर्चा हो। इससे स्थानीय स्तर पर प्रभावी राहत योजनाएं बन सकेंगी।
₹31,000 करोड़ के पैकेज का स्पष्ट हिसाब मांगना
उद्धव ठाकरे ने पिछले वर्ष घोषित किए गए ₹31,000 करोड़ के वित्तीय पैकेज का पूरा विवरण प्रस्तुत करने की मांग की। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस राशि में से कितनी आर्थिक सहायता वास्तविक तौर पर प्रभावित किसानों तक पहुंची है। ठाकरे ने कहा कि पैकेज के दावे और जमीन पर पहुंची मदद के बीच बड़ा अंतर है, जिसे स्पष्ट करना आवश्यक है।

डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता की अपील
ठाकरे ने किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता, प्रभावित गांवों में पानी के टैंकरों की तैनाती और मवेशियों के लिए बनाए गए चारा छावनियों की जानकारी के लिए डिजिटल पोर्टल स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल डैशबोर्ड से जिला और तालुका स्तर पर राहत कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
कर्ज माफी और फसल बीमा कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
शिवसेना प्रमुख ने किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को चीनी मिलों की तरह कृषि ऋणों के लिए भी गारंटी प्रदान करनी चाहिए। इसके अलावा, फसल बीमा कंपनियों के खिलाफ सख्त जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है, जिन्होंने किसानों को मामूली मुआवजे के चेक दिए थे।
सरकारी दौरों को केवल दिखावा करार देना
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों और नेताओं के सूखे प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को केवल ‘कैमरा-उन्मुख ड्रामा’ बताया। उन्होंने कहा कि इन दौरों से किसानों को वास्तविक राहत नहीं मिल रही है। सरकार को जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने होंगे, अन्यथा किसानों की स्थिति और बिगड़ेगी।



