इंदौर। लंबे समय विधायकों की खींचतान की वजह से अटकी भाजपा इंदौर ग्रामीण की कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। जिला अध्यक्ष पदे के प्रमुख दावेदार रहे अंतर दयाल को महामंत्री बनाया गया है। उनके साथ रामस्वरूप गेहलोत और पूंजालाल निनामा को भी महामंत्री पद दिया गया है।
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ग्रामीण की कार्यकारिणी में भारतसिंह चौहान, दिलीप चौधरी, विनोद जाट, लीला संतोष पाटीदार, पवनसिंह पटेल, सत्यनारायण पटेल और धर्मेन्द्र वर्मा उपाध्यक्ष पद पाने में सफल रहे हैं। घनश्याम पाटीदार, कुसुम रूपसिंह चौहान, जालमसिंह सोलंकी, राजकपूर वर्मा, अजय यादव, अश्विन पटेल और उषा लोकेंद्रसिंह पवार को मंत्री बनाया गया है। हेमचंद्र मित्तल कोषाध्यक्ष बने हैं, जबकि पियूष विजयवर्गीय और पिंकी रोहित मंडलोई को सह कोषाध्यक्ष पद दिया गया है। मुकेश जरिया को कार्यालय मंत्री और रवि जैन तथा प्रितेश वर्मा को सह कार्यालय मंत्री बनाया गया है। इसी तरह विनोद चंदानी मीडिया प्रभारी बने हैं, जबकि जेपी नागर और राजेश शर्मा को सह मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया है। पंकज मीणा को आईटी प्रभारी तथा मोनिका अभिलेष ठक्कर को सह आईटी प्रभावी बनाया गया है। सोशल मीडिया की जिम्मेदारी निलेश उपाध्याय को सौंपी गई हैं, वहीं मोहन यादव को सह सोशल मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया है। मन की बात प्रभारी के तौर पर सुभाष पाटीदार भी एक पद लेने में कामयाब हुए हैं।
जिराती को दी तवज्जो, पटेल को निपटाया
भाजपा की नगर कार्यकारिणी में जीतू जिराती को बिल्कुल ही तवज्जो नहीं दी गई थी, लेकिन ग्रामीण में उनके कई समर्थक शामिल किए गए हैं। जिराती के समर्थक अश्विन पटेल, अजय यादव सहित कई और नाम सूची में शामिल हैं। मनोज पटेल के भी कई समर्थकों निलेश उपाध्याय, जालम सिंह सोलंकी, कुसुम रूप सिंह चौहान आदि को सूची में स्थान मिला है, लेकिन जैसा वे चाहते थे वैसा नहीं हो पाया। तुलसी सिलावट जहां महामंत्री पद पर कब्जा जमाने में सफल हुए हैं, वहीं भारत सिंह सोलंकी सहित कुछ और नाम भी सूची में शामिल हैं। खास बात यह कि जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने प्रीतेश शर्मा सहित कई समर्थकों को स्थान दिया है। मंत्री समर्थक पूर्व जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा भी पवन पटेल, पीयूष विजयवर्गीय जैसे समर्थकों को कार्यकारिणी में शामिल कराने में सफल रहे हैं।
महामंत्री में सिलावट और वर्मा भारी
अंतर दयाल को जिला अध्यक्ष बनाने की कोशिश फेल होने के बाद मंत्री तुलसी सिलावट की नजर महामंत्री पद पर थी और वे अपनी जिद पूरी करने में सफल रहे। इसी तरह मधु वर्मा रामस्वरूप गहलोत को महामंत्री बनाना चाहते थे, जिसमें वे सफल रहे।
मंत्री के पेंच के कारण अटकी थी सूची
सूत्र बताते हैं कि इंदौर ग्रामीण की सूची में देरी का कारण देपालपुर के विधायक मनोज पटेल और महू की विधायक उषा ठाकुर के साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी रहे हैं। तीनों अपने-अपने समर्थकों का नाम शामिल कराने के लिए अड़े हुए थे। सबसे ज्यादा टसल महू में ही थी, क्योंकि वहां से उषा ठाकुर के साथ ही विजयवर्गीय भी अपने समर्थकों के नाम दे रहे थे। इधर, उषा ठाकुर का कहना था कि जो लोग मेरे चुनाव में काम करते आ रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह शामिल किया जाए। इधर, जीतू जिराती भी अपने समर्थकों को एडजस्ट करने में लगे थे, क्योंकि नगर कार्यकारिणी में उन्हें जगह नहीं दी गई थी।



