राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के वेन्यू पर सस्पेंस बना हुआ है। इसके पहले कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर 2026 तय थी, जिसे अब 19 सितंबर 2026 कर दिया गया है।
वेन्यू को लेकर असमंजस
कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम मांगा था। हालांकि, इंदौर नगर निगम ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए अनुमति नहीं दी।
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इस स्थिति में कांग्रेस ने तीन नए विकल्प प्रशासन के सामने रखे हैं, जिन पर अभी निर्णय बाकी है।

प्रशासन के सामने तीन विकल्प
कांग्रेस ने जिन तीन वैकल्पिक मैदानों का प्रस्ताव दिया है उनमें रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA का मैदान, खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का ग्राउंड और GACC के पीछे का मैदान शामिल हैं।
प्रशासन ने इन विकल्पों पर अब तक कोई अनुमति नहीं दी है, जिससे आयोजन स्थल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बीजेपी का विरोध
बीजेपी ने इस कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने पुलिस आयुक्त और जिला कलेक्टर से शिकायत की है।
उनका दावा है कि इन स्थलों पर आयोजन से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में भागीदारी
कांग्रेस का कहना है कि इस कार्यक्रम के लिए 35,000 से अधिक छात्र ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं।
पार्टी का लक्ष्य है कि कार्यक्रम में लगभग 50,000 युवाओं को शामिल किया जाए।
छात्रों की गूंज का महत्व
यह आयोजन कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जो पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित किया जा चुका है।
इसका उद्देश्य छात्रों से संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं को सुनना है।



