टेंडर प्रक्रिया के दौरान ब्लैक लिस्टेड बीवीजी को आईएसबीटी का ठेका

Date:

AI Audio Companion Ready to stream full article
0:00
0:00 left

इंदौर। इंदौर के कुमेड़ी स्थित बहुप्रतीक्षित इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पुणे की बीवीजी इंडिया लिमिटेड को मिली है। कंपनी को लीज-कम-ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का ठेका दिया गया है। यह वही कंपनी है, जिसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में ब्लैकलिस्टिंग, डिबारमेंट, अनुबंध समाप्त किए जाने और टेंडर से जुड़े विवाद सामने आ चुके हैं। खास बात यह कि जब आईएसबीटी की टेंडर प्रक्रिया चल रही थी, उस अवधि में यह कंपनी पटना में ब्लैक लिस्टेड थी।

जानकारी छुपाकर लिया टेंडर

उल्लेखनीय है कि टेंडर की शर्तों में सबसे प्रमुख शर्त यह होती है कि टेंडर अवधि के दौरान अगर कोई कंपनी, कहीं भी ब्लैक लिस्टेड है तो व इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकती। बीवीजी ने इन शर्तों का खुले तौर पर उल्लंघन किया है। आईएसबीटी के टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 10 मार्च 2026 थी। टेक्निकल बिड 12 मार्च 2026 को ओपन हुई। फाइनलेंशियल बिड 17 अप्रैल 2026 को हुई और एलओए 11 मई 2026 को जारी हुआ।

टेंडर शर्तों का खुलेआम किया उल्लंघन

उल्लेखनीय है कि बीवीजी को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्, पटना ने 6 जनवरी 2024 को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। आईएसबीटी के टेंडर की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीवीजी को 26 मई 2026 को काली सूची स बाहर किया गया है। इस संबंध में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी शिव कुमार राउत ने 26 मई 2026 को आदेश जारी किया था। बीवीजी ने आईएसबीटी के टेंडर लेते समय यह जानकारी छुपाई। इस तरह टेंडर की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर उसने टेंडर लिया है।

कई शहरों में बदनाम रही है कंपनी

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीवीजी के खिलाफ पटना, नोएडा और इंदौर में ब्लैकलिस्टिंग/डिबारमेंट की कार्रवाई दर्ज है। इसके अलावा नवा रायपुर में दो साल के टेंडर प्रतिबंध का मामला सामने आया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। मध्यप्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों से 2018-19 में कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था।

पटना में पहले भी ब्लैक लिस्ट हो चुकी है कंपनी

बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन ने 20 दिसंबर 2016 को वीवीजी को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। कंपनी ने इसके खिलाफ पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और ब्लैकलिस्टिंग आदेश रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट के 17 मार्च 2023 के आदेश में इस ब्लैकलिस्टिंग का स्पष्ट उल्लेख है। अदालत ने यह कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया कि ब्लैकलिस्टिंग की अवधि समाप्त हो चुकी थी, इसलिए मामला निष्प्रभावी हो गया। बाद में मध्यप्रदेश से जुड़े एक मामले में भी इस पुराने बिहार ब्लैकलिस्टिंग आदेश का उल्लेख हुआ। अदालत के रिकॉर्ड में यह बात सामने आई कि बीवीजी ने अपने एक टेंडर दस्तावेज में बिहार में हुई डिबारमेंट की पूरी जानकारी नहीं दी थी। कंपनी की ओर से दलील दी गई थी कि पटना हाईकोर्ट से उसे राहत मिली थी।

इंदौर में भी 2021 में हुई थी ब्लैकलिस्टेड

बीवीजी का मध्यप्रदेश में भी ब्लैकलिस्टिंग का रिकॉर्ड सामने आता है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के कार्यकारी निदेशक ने 16 फरवरी 2021 को बीवीजी को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। यह अवधि 15 फरवरी 2022 को समाप्त हो गई। कंपनी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिस कंपनी को अब इंदौर के महत्वपूर्ण आईएसबीटी के संचालन का ठेका मिला है, उसके खिलाफ इंदौर की ही एक सरकारी कंपनी द्वारा अतीत में ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई हो चुकी है।

मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भी विवाद

बीवीजी को लेकर मध्यप्रदेश में एक और गंभीर विवाद सामने आ चुका है। दिसंबर 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं एमवाय अस्पताल में बीवीजी की नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि कंपनी को 2018-19 के दौरान पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों से ब्लैकलिस्ट किया गया था। विभाग ने जिन कारणों का उल्लेख किया, उनमें PASARA लाइसेंस की कमी, उपकरणों की कमी, पर्याप्त स्टाफ नहीं होना, कर्मचारियों के वेतन में देरी और बायोमेट्रिक सिस्टम का काम नहीं करना शामिल थे।

जयपुर में सेवाओं को लेकर उठे थे सवाल

जयपुर में भी बीवीजी का रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। जयपुर नगर निगम ने कंपनी को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का काम दिया था। बाद में निगम ने कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी के कामकाज और सेवा को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जयपुर में ब्लैकलिस्ट की गई एजेंसी बीवीजी स्वयं नहीं, बल्कि उसके साथ काम करने वाली स्वतंत्र इंजीनियर एजेंसी थी।

रायपुर का मामला भी अदालत तक पहुंचा था

बीवीजी से जुड़ा एक अन्य विवाद 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने आया। जलगांव नगर निगम के टेंडर से जुड़े मामले में विरोधी पक्ष ने आरोप लगाया था कि बीवीजी को रायपुर की एक सार्वजनिक संस्था ने एक निश्चित अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट किया था और टेंडर में इसकी जानकारी छिपाई गई। अदालत के सामने बीवीजी की ओर से कहा गया कि संबंधित ब्लैकलिस्टिंग सीमित अवधि की थी और उस पर अदालत से रोक भी मिली थी।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

एमपी पुलिस भर्ती: 507 सब-इंस्पेक्टर और सूबेदार पदों पर आवेदन शुरू

मध्य प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस भर्ती में 507 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

एससीओ फोटो से पीएम मोदी की तस्वीर हटाने पर विवाद

एससीओ फोटो विवाद में पाकिस्तानी पीएमओ की हरकत ने भारत में आक्रोश पैदा किया। पीएम मोदी की तस्वीर हटाई गई, जिससे कूटनीतिक तनाव बढ़ा।

इंदौर-पातालपानी के लिए ओपन-टॉप डबल डेकर बस सेवा जल्द शुरू

इंदौर-पातालपानी ओपन-टॉप डबल डेकर बस सेवा जल्द शुरू होगी। पर्यटकों को प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव मिलेगा।

जीतू पटवारी ने सीएम से इंदौर के नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांगी

नेहरू स्टेडियम की अनुमति को लेकर जीतू पटवारी ने सीएम से अपील की। राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' में युवाओं से संवाद करेंगे।

राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले ‘लेटर वॉर’

राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस में चिट्ठियों की जंग।

इंदौर में मौसम बदलने से वायरल बुखार के मरीज बढ़े

इंदौर में मौसम बदलने से वायरल बुखार के मरीज बढ़े। अस्पतालों में ओपीडी में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में उछाल।

भारतीय सेना का अभ्यास: यमुनानगर में दो जवान लापता, तलाश जारी

यमुनानगर में भारतीय सेना के अभ्यास के दौरान दो जवान लापता हो गए। घटना ने सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीवीसी रिपोर्ट: अदालतों में लंबित 7200+ भ्रष्टाचार मामले

सीवीसी रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के 7,229 लंबित मामले। इनमें 409 मामले दो दशक से अधिक समय से अदालतों में रुके हैं।

निरंजन बने साइबर सेल एडीजी, 30 सूबेदारों का प्रमोशन

मध्य प्रदेश में साइबर सेल एडीजी का पदभार निरंजन बी. वायंगणकर को सौंपा गया है। 30 सूबेदारों का प्रमोशन भी किया गया है।

बैंक यूनियनों की 11 सितंबर को हड़ताल, सेवाएं प्रभावित

बैंक यूनियनों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित होंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 11 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है।