इंदौर। मध्यप्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इस दौरान सोमवार को राजगढ़ में एक बड़ा हादसा हो गया है। राजगढ़ के पडाना गांव के पास हुआ। यहां उफनते नाले को पार करने के दौरान एक ईको वैन बह गई। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 को बचा लिया गया है।
दुर्घटना के समय वहां मौजूद ग्रामीणों के अनुसार वैन नाले में उतरते ही तेज बहाव की चपेट में आ गई। कार में सवार लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वैन कुछ ही सेकंड में आंखों से ओझल हो गई।
👉 यह भी पढ़ें:
सतवास से सारंगपुर जा रहा था परिवार
बताया जाता है कि पीड़ित परिवार देवास जिले के सतवास से सारंगपुर के कड़लावद जा रहा था। देवास से आ रही वैन नए बने बायपास से होकर गुजर रही थी। वहां बने पुल पर बारिश का पानी अत्यधिक भर गया था। बाहरी चालक होने के कारण उसे जलस्तर और पुल की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लगा।
लोगों ने रोका फिर भी नहीं माना ड्राइवर
ईको वैन में एक ही परिवार के तीन पुरुष, चार महिलाएं और चार बच्चे सवार थे। बताया जा रहा है कि पड़ाना के पास झिरी नाले पर करीब 30 फीट लंबे पुल का निर्माण चल रहा है। भारी बारिश के कारण नाले का पानी सड़क और पुल के ऊपर से बह रहा था। चालक को निर्माणाधीन पुल और सड़क की वास्तविक स्थिति समझ नहीं आई। ग्रामीणों ने वाहन रोककर आगे पानी और खतरा होने की जानकारी भी दी थी। इसके बावजूद वाहन आगे बढ़ गया और कुछ ही देर में तेज बहाव की चपेट में आकर नाले में बह गया।
9 शव बरामद, 2 लोग बचाए गए
प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 9 शव बरामद कर लिए हैं. वहीं, दो अन्य लोगों को बचा लिया गया है। ईको कार में कुल 11 लोग सवार थे। लगातार बारिश और नाले के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आईं।
परिवार को चार-चार लाख की मदद
इस घटना पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर बारिश के कारण हुई दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना में लापता नागरिकों की खोजबीन जारी है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।



