इंदौर। इंदौर को ब्रिलिएंट कन्वेंसन सेंटर में शनिवार से नेशनल लीगल सर्विसेस अथारिटी (नालसा) की दो दिवसीय वेस्ट जोन रीजनल कांफ्रेंस शुरू हुई। आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 50 से अधिक न्यायमूर्ति, विधि एवं न्याय मंत्रालय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यकारी अध्यक्ष, ख्यात विधिवेत्ता, विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
कांफ्रेंस का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया। एकजुट आवाजें, सशक्त कल- संवाद, गरिमा एवं समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच को आगे बढ़ाना’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में सीजेआई ने अपना संबोधन दिया। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यदि आप सभी को अधिकार दिलाने की बात करते हैं और कोई एक व्यक्ति भी उन अधिकारों को पाने में सफल नहीं होता तो आप फेल हो जाते हैं। इसलिए सभी को समान अधिकार मिलें यह सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है।
आपके व्यवहार से ही दूर हो जाती है आधी परेशानी
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारत एक विविधता वाला देश हैं। हर क्षेत्र और स्थान के अनुसार परेशानियों का प्रकार भी बदलता रहता है। जिस क्षेत्र में जो परेशानी आ रही है हमें उसी क्षेत्र की भाषा, व्यवहार और प्रकृति के अनुसार संवाद करना चाहिए। जो न्याय की आस में आपके पास आया है, उसकी आधी परेशानी सिर्फ आपके व्यवहार से ही दूर हो जाती है। यदि आप उससे उसी की भाषा में सही तरह से संवाद करेंगे तो वह सहज होने लगेगा और आपके ऊपर उसका विश्वास बढ़ता जाएगा।
सीजेआई ने डॉक्टरों का दिया उदाहरण
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा जिस तरह से डॉक्टर मरीज से बहुत शांत होकर, सकारात्मक तरीके से बात करते हैं और मरीज को विश्वास दिलाते हैं कि वे जल्द ठीक हो जाएंगे। इसी तरह न्याय प्रक्रिया से जुड़े सभी विभागों और व्यवस्थाओं के लोगों को पीड़ित से इस तरह से संवाद करना चाहिए ताकि उसकी परेशानी कम हो।
सीएम यादव ने अहिल्याबाई का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर की नगरी माता अहिल्याबाई होल्कर के न्याय के लिए जानी जाती है। उन्होंने न्याय के लिए अपने पुत्र और प्रजा में भी भेद नहीं किया। अपने पुत्र को भी दंड दिया और समाज को न्याय की सही परिभाषा दी। इसी तरह महाराज विक्रमादित्य ने भी अपनी धर्मपत्नी के भाई को मृत्युदंड दिया और समाज में न्याय स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पुरातन संस्कृति और सभ्यता न्याय आधारित रही है। पंच परमेश्वर से लेकर राजा-महाराजा तक प्रजा को सही तरह से न्याय दिलाने में पूर्ण यकीन रखते थे। आज भारत में न्याय सभी की पहुंच में हो और सही समय पर मिले हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके लिए सरकार और न्यायपालिका मिलकर काम कर रहे हैं।
दो दिनी आयोजन में जुटे हैं दिग्गज
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 8 और 9 अगस्त को वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में यह 2 दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश समेत सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विधिक सेवा प्राधिकरणों के वरिष्ठ पदाधिकारी, न्यायिक अधिकारी और कई अन्य प्रतिष्ठित नागरिक हिस्सा ले रहे हैं।



