नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में FCRA Bill को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष की रणनीति को देखते हुए कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। पार्टी के सांसदों को सदन में महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी दलों की नजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संभावित लोकसभा मौजूदगी पर भी है। FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act से जुड़े प्रस्तावित बदलावों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है।
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कांग्रेस के साथ विपक्षी सहयोगी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। संसद में किसी महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और संभावित मतदान के दौरान संख्या बल विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए अहम हो जाता है।
इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हालिया विरोध-प्रदर्शनों के असर पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने माना कि पार्टी का पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन उतना प्रभाव पैदा नहीं कर पाया जितना विपक्ष के कुछ अन्य अभियानों ने किया।
अब बड़ा सवाल यह है कि FCRA Bill पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव किस दिशा में जाता है और क्या विपक्ष सरकार पर अपनी रणनीति बदलने का दबाव बना पाएगा।
जनता से सवाल
क्या FCRA Bill पर सरकार को विपक्ष की आपत्तियों पर और चर्चा करनी चाहिए? आपकी राय क्या है? कमेंट में बताइए।



