नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे विवाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को एक बार केंद्र सरकार पर फिर निशाना साधा। खड़गे ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के आरोप का खंडन किया कि विपक्ष परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक पर चर्चा से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार असल में बहस चाहती, तो उसने विपक्ष की पहली मांग पर ही इसकी अनुमति दे दी होती।
खड़गे ने की प्रधान के इस्तीफे की मांग
मीडिया से चर्चा करते हुए खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस मुद्दे पर उनके इरादों पर सवाल उठाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। खरगे ने कहा कि अगर वे चर्चा के लिए तैयार होते, तो जिस दिन हमने इसकी मांग की थी, उसी दिन से शुरू हो जाती। वे तैयार क्यों नहीं थे? इसके बाद आपने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। हम सांसद हैं, लेकिन सत्ताधारी दल के लोगों ने खुद आज दरवाजा बंद कर दिया।
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इस स्थिति के लिए पीएम जिम्मेदार
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए। जब तक वे (धर्मेंद्र प्रधान) इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह काम नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री अब तक चुप क्यों थे? अगर इस स्थिति के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने खुलेआम अपने सांसदों को छात्रों के आंदोलन का विरोध करने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री की मंशा सही नहीं है। उन्होंने कभी भी अहम मुद्दों पर बात नहीं की है। खड़गे ने कहा कि हम नियम 267 के तहत चर्चा करना चाहते थे। लेकिन सरकार इसके लिए सहमत नहीं हुई। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और अन्य लोगों का अपमान किया। हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही किसी भी चर्चा के लिए तैयार होंगे।



