कोलकाता। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला स्थित डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र के कार्यालय को गिराने की कार्रवाई पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने रविवार को मामले की विशेष सुनवाई करते हुए जुलाई महीने के अंत तक भवन को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी ने रविवार को विशेष बैठक के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह आमतला स्थित इस भवन से जुड़े सभी दस्तावेज अदालत में पेश करे। अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई नियमित पीठ के समक्ष होगी।
👉 यह भी पढ़ें:
- TMC के बागी गुट के नेताओं को अभिषेक बनर्जी ने दी चुनौती, पार्टी में वापस आ जाएं, एक घंटे में दे दूंगा इस्तीफा
- Abhishek Banerjee : ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका, डायमंड हार्बर में दफ्तर पर चला बुलडोजर
- Abhishek Banerjee को बड़ा झटका! MP High Court ने हटाई Arrest Warrant पर रोक, क्या अब बढ़ेंगी TMC नेता की मुश्किलें?
- टीएमएसी के बंटवारे पर अभिषेक बनर्जी भी रखेंगे अपना पक्ष, स्पीकर ओम बिरला ने 19 जून को बुलाया
- Bengal Political Storm: रात 3 बजे अभिषेक बनर्जी के घर रेड! ताला तोड़कर घुसी पुलिस? ममता बनर्जी भी तुरंत पहुंचीं
- TMC में चल रही उठापटक के बीच पहली बार बोले अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी को लेकर कह दी बड़ी बात
कंपनी ने दायर की थी याचिका
यह भवन ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी का बताया जा रहा है। इसी कंपनी ने भवन तोड़े जाने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक अन्य मामले में अभिषेक बनर्जी को इस कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बताया है। श
शनिवार को शुरू हुई थी कारर्वाई
दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने शनिवार को आमतला स्थित इस कार्यालय को गिराने की कार्रवाई शुरू की थी। प्रशासन का कहना था कि भवन बिना स्वीकृत नक्शे के बनाया गया है और निर्माण में लागू नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसी आधार पर इसे अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई की गई।
अभिषेक बनर्जी ने अनुचित कार्रवाई बताया था
अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि यह उनका संसदीय क्षेत्र का कार्यालय है। उनका कहना है कि भवन खरीदी गई जमीन पर बनाया गया है और इसके लिए सभी जरूरी सरकारी अनुमति ली गई थी। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद जुलाई के अंत तक भवन पर किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी।



