कोलकाता। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में उथल-पुथल मची हुई है। गुरुवार को ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका लगा है। टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इसमें सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देब और प्रकाश चिक बड़ाईक शामिल हैं।
बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं के पार्टी जॉइन करने की आधिकारिक घोषणा की। समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह वाकई बहुत खुशी की बात है। इतने बड़े नेता आज भाजपा पर भरोसा जता रहे हैं। वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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सुष्मिता देव ने कहा-सीट की उम्मीद से नहीं आई
भाजपा में शामिल होने के बाद टीएमस की पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है। इसलिए मैं यहां राज्यसभा सीट की उम्मीद में नहीं आई हूं, बल्कि बंगाल की एक निवर्तमान सांसद के तौर पर आई हूं। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और ‘डबल-इंजन’ सरकारों वाले राज्यों में जो काम हुआ है वह नकारा नहीं जा सकता। कोई भी इसे झुठला नहीं सकता। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों से कहना चाहती हूं कि मुख्यमंत्री सुवेंदु बाबू और प्रधानमंत्री मोदी को बस दो साल दें। आप देखेंगे कि जिस तरह असम और त्रिपुरा की तस्वीर बदली है, उसी तरह पश्चिम बंगाल की तस्वीर भी पूरी तरह बदल जाएगी।
सुखेंदु शेखर बोले-ममता का खेल खत्म
भाजपा में शामिल होने के बाद टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि भारत के किसी भी राज्य में शायद ही कभी 96-97 प्रतिशत मतदान हुआ हो, जैसा कि हमारी राष्ट्रपति ने इस चुनाव के बारे में कहा। उनका (ममता बनर्जी का) खेल खत्म हो चुका है; उनकी पार्टी खत्म हो गई है। इसलिए, उस पर आगे कोई भी चर्चा बेकार है। दूसरे राज्यों में, सत्ताधारी और विपक्षी दल आमतौर पर विकास, प्रगति या खास एजेंडे को लागू करने के लिए केंद्र सरकार के पास मिलकर जाते हैं, लेकिन यहां, हमने बंद, हड़ताल और जुलूसों के जरिए केंद्र का विरोध करने पर ही ध्यान दिया। इससे बंगाल की तीन पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। जिनके पास मौके थे, वे राज्य छोड़कर चले गए। जहां भारत के अधिकांश राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न और रोडमैप को अपनाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, वहीं हम चोरी-चकारी में लगे थे। हम लुटेरों और बलात्कारियों को बचा रहे थे।



