सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को खुलते ही लाल हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट

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मुंबई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार 8 जून को शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23,100 के स्तर के नीचे फिसल गया। आईटी, मेटल, ऑटो और फाइनेंशियल शेयरों में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

सोमवार को कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स 803 अंक गिरकर 73,440 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 264 अंक टूटकर 23,102 पर कारोबार करता दिखा। सभी सेक्टर्स में गिरावट आई है। इस गिरावट से निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है। बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 456 लाख करोड़ रुपये रह गया है।

इन शेयरों में दिखी भारी गिरावट

आज के कारोबार में मेटल, आईटी और वित्तीय सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट रही। विप्रो करीब 4.5% तक टूट गया। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो, टाटा स्टील, हिंदाल्को, टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी के टॉप लूजर्स में हिंदाल्को, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे।

सेंसेक्स के 28 शेयर लाल निशान में

सोमवार को सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ खुले। इंडिगो में सबसे ज्यादा 1.98 फीसदी गिरावट आई। बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, एनटीपीसी, टीसीएस, बीईएल और लार्सन एंड टुब्रो में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। केवल टेक महिंद्रा और सन फार्मा के शेयर तेजी के साथ खुले।

विदेशी बाजारों के भी बुरे हाल

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट आई है। दक्षिण कोरिया का बाजार 9 फीसदी से अधिक लुढ़क गया जिसके बाद 20 मिनट तक ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। जापान के निक्केई में 5 फीसदी और हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग में और चीन के शंघाई कंपोजिट में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। सबसे बड़ी गिरावट दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में देखी गई। इसमें 8% से अधिक की गिरावट आई. इसके चलते बाजार में अफरा-तफरी मच गई।

आखिर क्यों आई ऐसी गिरावट

गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में अचानक बढ़ा तनाव है। खबरों के मुताबिक, ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण हालात बिगड़ गए हैं। इस वजह से एशियाई बाजारों में हाहाकार मच गया। दक्षिण कोरिया का बाजार (Kospi) करीब 9% तक क्रैश हो गया, जिससे वहां ट्रेडिंग रोकनी पड़ी (सर्किट ब्रेकर लगा)। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने इन्वेस्टर्स की चिंता और बढ़ा दी है।

Ardhendu Bhushan
Ardhendu Bhushanhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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