लखनऊ। यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। सीएम योगी और भाजपा अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए रविवार को मंत्रिमंडल में विस्तार किया गया। इसमें एक महिला समेत छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया है।
इन्हें योगी ने दिया मौका
मंत्रिमंडल के नए सदस्य के रूप में भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज कुमार पांडेय ने कैबिनेट मंत्री तथा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश सिंह राजपूत ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल व सोमेंद्र तोमर का प्रमोशन हुआ। दोनों राज्यमंत्रियों ने अब राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।
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ये है विधानसभा और विधान परिषद का गणित
विधानसभा में भाजपा के 258 विधायक हैं। इनमें 84 ओबीसी, 59 एससी, 45 राजपूत, 42 ब्राह्मण और 28 अन्य सवर्ण वर्ग से हैं। वहीं विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं, जिनमें 26 ओबीसी, 23 राजपूत, 14 ब्राह्मण, 12 अन्य सवर्ण, दो मुस्लिम और दो एससी वर्ग के सदस्य शामिल हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में इसी के आधार पर जातीय समीकरण साधने की कोशिश की गई है।
जातीय समीकरण साधने की कोशिश
इस मंत्रिमंडल विस्तार से योगी ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। नाराज जातियों को खुश करने से लेकर क्षेत्रीय संतुलन बैठाना और दलबदलुओं को जगह देकर दूसरी पार्टियों के नेताओं को लुभाने जैसे संदेश निकल कर आ रहे हैं।
महिलाओं और अति पिछड़ों पर नजर
भाजपा के जानकार बताते हैं कि पश्चिम बंगाल की प्रचंड जीत के बाद महिलाएं और अति पिछड़ों की लामबंदी के हिट फार्मूले को भाजपा यूपी में भी लागू करना चाह रही है। योगी कैबिनेट में अब एक मुख्यमंत्री, दो डिप्टी सीएम, 25 कैबिनेट मंत्री, 16 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री हैं।


