पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने नई विधानसभा के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे राज्यपाल के पास भेज दिया गया है। इसके साथ ही नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
4 मई को आए चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। 293 सीटों में से 207 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि करीब 15 वर्षों से सत्ता में रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।
सूत्रों के अनुसार, 8 मई को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक हो सकती है। इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री और बंगाल के पर्यवेक्षक अमित शाह के कोलकाता पहुंचने की भी संभावना है।
वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में चुनाव आयोग की अधिसूचना ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को गति दे दी है। हालांकि इस बीच ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए धांधली और वोटों की लूट का आरोप लगाया है और इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब परिणाम ही संदिग्ध हैं तो इस्तीफे का सवाल नहीं उठता।
सूत्रों की मानें तो नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को हो सकता है। यह दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती होने के कारण विशेष महत्व रखता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी इसी दिन शपथ ग्रहण समारोह होने की बात कही है और बताया कि इसकी घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा की जा चुकी है।
पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी नई विधानसभा के गठन को लेकर चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इन अधिसूचनाओं के बाद सभी राज्यों में विजयी दलों के पास पिछली विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरकार बनाने का दावा पेश करने का अवसर मिल गया है। तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई, असम का 20 मई, केरल का 23 मई और पुडुचेरी का 15 जून को समाप्त होगा।


