कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि देश में मताधिकार खतरे में है और अब समय आ गया है कि इसे मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाए। उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और हाल के चुनावी कदमों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी भूमिका एक निष्पक्ष पर्यवेक्षक की बजाय एक पक्षकार जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग आज जितना पक्षपाती और समझौता करता हुआ दिख रहा है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
👉 यह भी पढ़ें:
- कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश का केंद्र पर वार, कहा-परिसीमन जोड़ महिला आरक्षण को टाल रही सरकार
- अमेरिका-ईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, कहा-स्वघोषित विश्वगुरु हो गए बेनकाब
- यूएस ट्रेड डील पर पीएम मोदी के इंटरव्यू पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश का निशाना, कहा-प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं
- यूएस ट्रेड डील पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश का सरकार पर हमला, कहा- नमस्ते ट्रंप पर हाउडी मोदी भारी पड़ गया और दोस्त, दोस्त न रहा
कांग्रेस नेता ने बताया कि विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने का नोटिस फिर से दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह नोटिस खारिज किया जाता है तो विपक्ष लगातार ऐसे प्रयास जारी रखेगा।
मताधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग पर जोर देते हुए रमेश ने कहा कि यदि इसे यह दर्जा मिलता है तो नागरिक अदालतों में इसकी रक्षा के लिए सीधे अपील कर सकेंगे। उन्होंने संविधान सभा की बहसों का उल्लेख करते हुए बताया कि भीमराव आंबेडकर भी इसके पक्ष में थे।
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों का मतदाता सूची में होना स्वीकार्य नहीं है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इस प्रक्रिया के बाद कितने ऐसे लोगों की पहचान हुई है।


