लद्दाख के संगठनों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत में चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय ने 22 मई को दिल्ली में उप समिति की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
इस बैठक में लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों के साथ अन्य हितधारक भी शामिल होंगे। बैठक में लद्दाख से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
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उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने एक्स माध्यम से इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए उम्मीद जताई कि यह पहल रचनात्मक और लोकतांत्रिक संवाद को आगे बढ़ाएगी, जिससे लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप स्थायी समाधान का रास्ता निकलेगा।
गौरतलब है कि 4 फरवरी को लद्दाख के संगठनों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन तब कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था। अब अमित शाह के प्रस्तावित दौरे से पहले इस नई बैठक की घोषणा को अहम माना जा रहा है।
सितंबर 2025 में लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों, जिसमें चार लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे, के बाद बातचीत की प्रक्रिया ठप पड़ गई थी। फरवरी की पिछली बैठक में लद्दाख के संगठनों ने स्पष्ट किया था कि अगली वार्ता में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा जरूरी है।
हालांकि अब तक इन मुख्य मांगों पर केंद्र की ओर से कोई स्पष्ट बातचीत नहीं हुई है।



