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सीएए नियम दोहरी नागरिकता की इजाज़त देते हैं;याचिकाकर्ता
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं के याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस कानून के तहत विदेशी नागरिकों को अपने मूल देश की नागरिकता छोड़ने की जरूरत नहीं है और इससे दोहरी नागरिकता की संभावना पैदा होती है और यह नागरिकता अधिनियम का उल्लंघन है.
द हिंदू ने सीएए को लेकर एक स्टोरी को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है.सुप्रीम कोर्ट में सीएए पर रोक लगाने कि मांग को लेकर 9 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से पहले याचिकाकर्ताओं ने सर्वोच्च अदालत में इस आशंका के बारे में लिखित दलील दायर की है.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 और संविधान के अनुच्छेद 9 में स्पष्ट रूप से दोहरी नागरिकता को प्रतिबंधित किया गया है.
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