मध्य प्रदेश में मानसून का आखिरी दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने इंदौर, भोपाल और आसपास के कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में मानसून की विदाई से पहले बारिश का यह दौर आम जनता और किसानों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मौसम विभाग ने दिया बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल, सीहोर, विदिशा और रायसेन के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
👉 यह भी पढ़ें:
- भोपाल फर्जी IAS तृप्ति सिंह केस में पुलिस अधिकारी पर रिश्वत का आरोप, 2 लाइन अटैच
- मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम में बदलाव के संकेत
- NMDC ने पन्ना खदान में खोजा 27.29 कैरेट का दूसरा सबसे बड़ा हीरा
- BJP सांसद ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे को कहा ‘सर्कस शो’, कांग्रेस विधायक ने किया पलटवार
- MP Weather Update: 19 सितंबर के बाद मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम
- एमपी कैबिनेट ने 42,490 करोड़ के बड़े फैसले लिए, शिक्षा के लिए 36 हजार करोड़
यह बारिश मानसून के अंतिम दौर की खासियत है जिसमें नमी और स्थानीय हवाओं के कारण मौसम अचानक बदल सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने से सावधानी बरतने की जरूरत है।

आखिरी दौर में मानसून का प्रभाव और सामान्य स्थिति
मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, जहां आमतौर पर बारिश की तीव्रता कम हो जाती है और मौसम साफ होने लगता है। हालांकि इस बार मानसून जाते-जाते फिर सक्रिय हो गया है। अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और बारिश के साथ तापमान में गिरावट आएगी।
इस मौसम परिवर्तन से उमस कम होगी और लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन अचानक बारिश से किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
किसानों के लिए बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढंकना जरूरी है। अचानक बारिश से फसल खराब होने का खतरा रहता है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान इस बारिश से प्रभावित हो सकते हैं।
फसल कटने के बाद खेतों और खलिहानों में रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने से नुकसान से बचा जा सकता है।
आम जनता के लिए सावधानियां
तेज हवा और गरज-चमक के दौरान लोगों को पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, खुले स्थानों में बिना जरूरत बाहर न निकलें। बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा का भी ध्यान रखें क्योंकि भीगी सड़कों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
इन सावधानियों से मौसम के इस बदलाव का असर कम किया जा सकता है।
मौसम का आगे का रुख
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून का यह आखिरी दौर अगले दो से चार दिन सक्रिय रहेगा। इसके बाद प्रदेश में बारिश का सिलसिला धीरे-धीरे थम जाएगा और मौसम साफ होने लगेगा। तापमान में भी सामान्य वृद्धि होने की संभावना है।
इस बदलाव के बाद मध्य प्रदेश में शरद ऋतु का मौसम शुरू होगा, जो ठंड की ओर बढ़ने का संकेत देता है।



