नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले पर गुरुवार (18 जुलाई) को सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा में हाजिर होने वाले छात्रों के नंबर सार्वजनिक किए जाएं और ये ध्यान रखा जाए कि किसी छात्र की पहचान सामने ना आए। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को शनिवार (20, जुलाई 2024) तक परीक्षा के नतीजे वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नंबर सार्वजनिक किए जाने से पारदर्शिता आएगी और छात्रों को ये पता चल सकेगा कि किस सेंटर से किस तरह के नतीजे आए हैं।
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने एग्जाम सेंटर्स की जानकारी देने की भी बात कही। एनटीए को अपनी वेबसाइट पर रिजल्ट पब्लिश किए जाने का आदेश देने के साथ ही ये भी कहा गया कि शहर और सेंटर के हिसाब से रिजल्ट को अलग–अलग घोषित किया जाए।
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सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि शनिवार 12 बजे तक रिजल्ट पोर्टल पर डालें और पूरा रिजल्ट सार्वजनिक हो। इस मामले पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि हजारीबाग और पटना में पेपर लीक हुआ है, अब हमें ये देखना है कि ये कितने व्यापक स्तर पर हुआ। सॉलीसिटर जनरल ने कहा कि काउंसलिंग 24 जुलाई से शुरू हो सकती है और हम उससे पहले सुनवाई करेंगे।
22 जुलाई को अगली सुनवाई
परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 22 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने विवादों से घिरे नीट–यूजी मामले पर जांच रिपोर्ट भी मांगी है। बता दें कि इस मामले पर तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। तीन जजों की पीठ में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं।


