पश्चिम एशिया में जंग का विस्तार: यमन की एंट्री, हूतियों का इसराइल पर पहला मिसाइल हमला
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अब अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष में सीधी एंट्री कर दी है। इस घटनाक्रम ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और अधिक खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Middle East Ceasefire Breakthrough! हिजबुल्लाह और इजराइल में बड़ी डील, ट्रंप की मध्यस्थता से रुकेगा युद्ध?
- UN की बड़ी कार्रवाई: यौन हिंसा के आरोपों पर इजरायल और रूस ब्लैकलिस्ट, रिपोर्ट में गंभीर खुलासे
- गाजा पर इजराइल का बड़ा सैन्य दांव: नेतन्याहू ने 70% क्षेत्र पर कब्जे का दिया निर्देश
- लेबनान में बढ़ा युद्ध का खतरा: इजराइल ने बड़े इलाके को घोषित किया ‘युद्ध क्षेत्र’, लोगों को तुरंत खाली करने का आदेश
हूतियों ने दक्षिणी इजराइल के शहर बीरशेबा और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। हमले के बाद पूरे इलाके में सायरन गूंज उठे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, यह मौजूदा संघर्ष के दौरान हूतियों द्वारा इजराइल पर किया गया पहला सीधा हमला है, जिससे जंग के और फैलने की आशंका बढ़ गई है।
इजराइली सेना ने पुष्टि की है कि उसने यमन की ओर से दागी गई मिसाइल की पहचान कर ली थी और उसे रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई। हालांकि, हमले के असर और नुकसान को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों की इस कार्रवाई के पीछे ईरान का समर्थन हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष अब बहु-देशीय युद्ध का रूप लेता दिख रहा है।
इस ताजा हमले के बाद यह साफ हो गया है कि यह संघर्ष अब सीमित नहीं रहा, बल्कि कई देशों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है, जिससे हालात और अधिक विस्फोटक बनते जा रहे हैं।


