पटना। जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों खर्च कर वोट खरीदे हैं। 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद मुख्यमंत्री पद छोड़ने की स्थिति तीन महीने के भीतर ही क्यों बन गई।
प्रशांत किशोर शनिवार को बांका में ‘बिहार नवनिर्माण अभियान‘ के तहत कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन महीने बिहार की राजनीति में जन सुराज के विस्तार के लिए निर्णायक होंगे। बिहार का अगला मुख्यमंत्री जो भी बने, उसके लिए प्राथमिकता बिहार का विकास नहीं, बल्कि गुजरात की चिंता होगी। प्रशांत किशोर ने आगामी तीन महीने का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि इस दौरान पूरे राज्य में संगठन को फिर से पुनर्गठित किया जाएगा। इसके ठीक बाद जुलाई महीने से पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर राज्य स्तरीय जन सुराज सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांधी भितिहरवा आश्रम में किए गए उपवास के दौरान यह तय हुआ था कि नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा, जिसके बाद जन सुराज के कार्यकर्ता घर–घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव में सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 70 करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदे हैं। उन्होंने अपने दावे को दोहराते हुए कहा कि 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद मुख्यमंत्री पद छोड़ने की स्थिति तीन महीने के भीतर ही बन रही है। उन्होंने कहा कि यह जीत किसी व्यक्ति या गठबंधन की लोकप्रियता की नहीं, बल्कि पैसे और चुनाव आयोग की मदद से बने परिणाम का असर है।



