👉 यह भी पढ़ें:
- वक्फ विधेयक पर संजय राउत का बड़ा आरोप: बीजेपी ने समर्थन के लिए शिवसेना यूबीटी से की थी अंतिम समय तक बातचीत
- वक्फ बिल पास होने के बाद भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन को लगातार मिल रही हैं धमकियां, कहा-वे डरने वाले नहीं हैं
- राज्यसभा में वक्फ बिल पर बोलते हुए जेपी नड्डा ने साधा कांग्रेस पर निशाना, कहा- वे बस किताब दिखाते हैं और हम संविधान से चलते हैं
- वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले मौलाना अरशद मदनी-शरीयत के खिलाफ कोई कानून मंजूर नहीं
- राज्यसभा में वक्फ बिल पर जेसीपी की रिपोर्ट पेश, विपक्ष का जमकर हंगामा, सदन से किया वॉकआउट
- वक्फ विधेयक पर विवाद: जेपीसी की प्रक्रिया पर विपक्ष का हंगामा, अध्यक्ष ने खारिज किए आरोप
0:00 left
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की हर बैठक में हंगामे के बाद अब इसके खिलाफ मिले पत्रों पर सवाल उठने लगे हैं। जेपीसी के सदस्य और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सुझावों को लेकर जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को पत्र लिखा है। इसमें दुबे ने आरोप लगाया है कि बिल के खिलाफ मिले 1 करोड़ 25 लाख पत्रों की भाषा एक जैसी है। दुबे का आरोप है कि इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल किया जा रहा है।
बताया जाता है कि पत्र में निशिकांत दुबे ने कहा कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक संगठन हैं, जो देश की व्यवस्था को बर्बाद करना चाहते हैं। भाजपा सांसद का आरोप है कि भगोड़े इस्लामिक कट्टरपंथी जाकिर नाइक और अन्य हमारे देश के युवाओं के बीच भ्रम फैलाना चाहते हैं। वक्फ संशोधन बिल के जरिए उन्हें सरकार के खिलाफ करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए जाकिर नाइक की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसे राष्ट्रीय संप्रभुता पर खतरा बताया है।
कई देश और संगठन रच रहे साजिश
पत्र में कहा गया है कि वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ कई देश और इस्लामिक संगठन साजिश रच रहे हैं। इसकी पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए। दुबे ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ आईएसआई, चीन, जमात–ए–इस्लामी बांग्लादेश और तालिबान जैसे कट्टरपंथी संगठनों, विदेशी अभिनेताओं की भूमिका संदेह के दायरे में है।



