पटना। कभी नीतीश कुमार को पीएम मटेरियल बताकर चने की झाड़ पर चढ़ाने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर यानी पीके ने नई पार्टी बना ली है। इसका नाम जन सुराज पार्टी रखा गया है। सरकार में आते ही प्रशांत किशोर शराबबंदी हटा लेंगे। कहा तो यह भी जाता है कि नीतीश कुमार को शराबबंदी का सुझाव भी पीके ने ही दिया था। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार लड़ाएगी।
अपनी पार्टी लांच करते हुए पीके ने कहा कि जन सुराज अभियान 2-3 सालों से चल रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि हम पार्टी कब बनाएंगे। आज चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर जन सुराज को जन सुराज पार्टी के रूप में स्वीकार कर लिया है। पीके ने कहा कि अगर प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो एक घंटे के अंदर शराब बंदी की नीति को उखाड़कर फेंक देंगे। शराब के पैसे से बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार किया जाएगा।
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पीके ने कहा कि अगर बिहार में विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था बनानी है तो अगले 10 साल में 5 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। शराबबंदी हटेगी तो उससे मिला पैसा कहीं दूसरी जगह खर्च नहीं होगा। इसका उपयोग केवल बिहार में नई शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए किया जाएगा उन्होंने कहा कि शराबबंदी से हर साल 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान बिहार को उठाना पड़ हा है।
जय-जय बिहार का दिया नारा
पीके ने जय-जय बिहार का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि हम जीवनकाल में एक ऐसा बिहार बनाएंगे कि देश और दुनिया में कोई उसे गाली नहीं दे पाएगा। जन सुराज का बिहार को उसका गौरव वापस दिलाना है। पीके ने कहा कि उन्हें न सीएम बनना है और न विधायक। उन्होंने अपनी पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष मनोज भारती को बनाया है। भारती कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके हैं।


