0:00
0:00 left
पटना। बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए के साथ सरकार बनाने के बाद उन्हें विश्वास मत से रोकने के लिए गहरी साजिश रची गई थी। विधायकों को मोटी रकम का लालच दिया गया था और हवाला के जरिए एडंवास पैसे भेजे भी गए थे। बाकी रकम विश्वास मत हारने के बाद देने का वादा किया गया था। आर्थिक अपराध इकाई की जांच से यह खुलासा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि जेडीयू विधायक सुधांशु शेखर की शिकायत पर की गई जांच में कई खुलासे हुए हैं, जिसकी जानकारी सोमवार को ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने दी। ढिल्लों ने बताया कि खरीद-फरोख्त के इस मामले की जांच के दौरान पता चला है कि अगर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार विश्वास मत हार जाती तो पूरे पैसे दूसरे राज्यों में हवाला के जरिए विधायकों को दे जाते। मामले में क्या बोले मानवजीत सिंह ढिल्लों? ढिल्लों के अनुसार शुरुआती जांच में मनी ट्रेल के अहम सबूत मिले हैं। कई बयान दर्ज किए गए हैं, जिससे इसकी पुष्टि होती है। ईओयू द्वारा इस मामले में दस लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। ईओयू ने जांच से जुड़े दस्तावेज ईडी को सौंप दिए हैं।
राजद पर लग रहा साजिश रचने का आरोप
उल्लेखनीय है कि 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को जनादेश मिला था, लेकिन बीच में वह महागठबंधन के साथ चले गए थे। इसके बाद फिर वे एनडीए के साथ आ गए। इसके बाद फ्लोर टेस्ट में इस सरकार को फेल करने की साजिश रची गई। पूरी कहानी राजद की रची बताई जा रही है, लेकिन उसका दांव उल्टा पड़ गया था। तेजस्वी यादव बार-बार यह कह भी रहे थे कि बिहार में खेला होगा, लेकिन फ्लोर टेस्ट में उनके ही तीन विधायक एनडीए की तरफ चले गए।
👉 यह भी पढ़ें:
- नेपाल में जलप्रलय से बिहार-यूपी में चिंता, मदद के लिए आगे आया भारत
- सुपौल में तेज रफ्तार कार का कहर: कीर्तन कर रहे 5 लोगों की मौत, NH-327E पर मचा हंगामा
- सावन की आखिरी सोमवारी पर सिंहेश्वर मंदिर में भगदड़, कई श्रद्धालु घायल; अफवाह से मची अफरा-तफरी
- बेतिया में दर्दनाक हादसा: ऑर्केस्ट्रा देख रही भीड़ में घुसी तेज रफ्तार बस, 5 की मौत
- नालंदा में मिड-डे मील की बड़ी लापरवाही: नमक की जगह सब्जी में डाल दिया सर्फ, 40 से ज्यादा बच्चे बीमार
- बिहार के गयाजी में कुएं में जहरीली गैस से पिता-पुत्र समेत चार की मौत



