वाराणसी। वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष को कोर्ट से झटका लगा है। वाराणसी की एक कोर्ट ने हिंदू पक्ष की अतिरिक्त एएसआई सर्वे की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी के मुख्य गुंबद के नीचे शिवलिंग का दावा किया है। इसके साथ ही हिंदू पक्ष ने यहां खुदाई कराकर एएसआई सर्वे कराने की मांग की थी।
शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई थी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी थीं। ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे को लेकर वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। एएसआई सर्वे होने के बाद अतिरिक्त सर्वे की जरूरत पर कोर्ट ने सवाल किया था। 8 महीने तक इस मामले की सुनवाई चली थी, जिसके बाद आज इस पर फैसला आ गया।
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उल्लेखनीय है कि हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि मुख्य गुंबद के नीचे 100 फुट का शिवलिंग मौजूद है और परिसर के शेष स्थल की खुदाई कराकर एएसआई सर्वे कराया जाना चाहिए। यह मामला 1991 में सोमनाथ व्यास द्वारा दाखिल किए गए वाद से जुड़ा है। हिंदू पक्ष के वकील विजय शंकर रस्तोगी ने कहा, न्यायालय ने एएसआई की ओर से पूरे ज्ञानवापी क्षेत्र की सुरक्षा के अतिरिक्त सर्वेक्षण के हमारे आवेदन को खारिज कर दिया है। इस फैसले के खिलाफ अब हम हाई कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय नियमों और तथ्यों के खिलाफ है। उधर, मुस्लिम पक्ष लगातार एएसआई सर्वे का विरोध कर रहा है।


