नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर लोकसभा में बीते दो दिनों से हंगामा हो रहा है. आज इस हंगामे के दौरान स्पीकर की ओर पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. हंगामे के कारण कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपना भाषण नहीं दे सके.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में बोलने से रोकने को परंपरा का उल्लंघन बताया है. कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिखे इस पत्र को शेयर किया है. राहुल गांधी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से उन्हें रोकना लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा को रोकने का प्रयास है.
👉 यह भी पढ़ें:
- सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद पर राहुल गांधी और धर्मेंद्र प्रधान में भिड़ंत, दोनों ने एक-दूसरे पर किया जुबानी हमला
- मोदी एक साल में जाएंगे’: राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, बीजेपी का पलटवार
- राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भाजपा का बड़ा हमला: “11 करोड़ की आय में 60 करोड़ का खर्च कैसे?”
- सीबीआई निदेशक चयन पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, बोले — “विपक्ष कोई रबर स्टैम्प नहीं”
कांग्रेस ने ‘एक्स‘ पर राहुल गांधी के पत्र को शेयर करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा के एक अहम मामले को उठाने के विपक्ष के नेता के अधिकार से वंचित करने के संबंध में लिखा है. राहुल गांधी ने पत्र के जरिए ओम बिरला से कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर बोलते हुए आपने सोमवार को मुझे एक मैगजीन को सत्यापित करने का निर्देश दिया था, जिसका मैं जिक्र करना चाहता था. मैंने आज अपना भाषण फिर से शुरू करते हुए उस दस्तावेज को सत्यापित किया. राहुल गांधी ने पत्र में यह भी कहा कि स्पीकर, सदन के निष्पक्ष संरक्षक के तौर पर हर सदस्य के अधिकारों की रक्षा करना आपकी संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है, जिसमें विपक्ष के सदस्य भी शामिल हैं. विपक्ष के नेता और हर सदस्य को बोलने का अधिकार हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग है.


