ओवैसी का पीएम मोदी पर तीखा वार: बोले—पिछड़ों का नेता कहलाने वाले मोदी यूजीसी के भेदभाव विरोधी नियम नहीं बचा पाए
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद को पिछड़े वर्गों का सबसे बड़ा नेता बताते हैं, लेकिन उनकी सरकार शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकने वाले यूजीसी नियमों को अदालत में बचाने में नाकाम रही।
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ओवैसी ने दलित और पिछड़े वर्ग के समुदायों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने में पूरी तरह विफल रही है। ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार ने उच्च शिक्षा में समानता सुनिश्चित करने के दावों को खोखला साबित कर दिया है।
ओवैसी ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके बाद उन पर रोक लगा दी गई। उन्होंने कहा, “मोदी कहते हैं कि वह पिछड़े वर्गों के सबसे बड़े नेता हैं, लेकिन उनकी सरकार कोर्ट में यह तक नहीं बता पाई कि रोहित वेमुला की मौत क्यों हुई या महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की जान कैसे गई।”
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के इन नियमों पर रोक लगाए जाने के बाद देशभर में इसे लेकर विवाद शुरू हो गया था। कुछ वर्गों ने इन नियमों को सामान्य श्रेणी के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया था। इन प्रस्तावित नियमों के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए विशेष समितियां और हेल्पलाइन बनाने का प्रावधान था।


