राहुल गांधी के बयान पर बवाल: गुवाहाटी में FIR, समस्तीपुर कोर्ट में देशद्रोह का आरोप
15 जनवरी को दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल ने कहा था कि भाजपा और आरएसएस ने हर संस्था पर कब्जा कर लिया है और अब “हम भाजपा, आरएसएस और इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं।”
इस बयान के बाद गुवाहाटी के पान बाजार पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता मोनजीत चेतिया ने आरोप लगाया कि राहुल का बयान देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यह बयान सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है और अलगाववादी भावनाओं को भड़का सकता है। FIR में राहुल पर गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा, बिहार के समस्तीपुर जिले में राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। शिकायतकर्ता मुकेश चौधरी ने इसे देशद्रोह बताते हुए राहुल के लिए आजीवन कारावास की मांग की है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई 17 फरवरी को करेगा।
मोहन भागवत के बयान का संदर्भ
इस विवाद की शुरुआत 13 जनवरी को RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा दिवस को “भारत का सच्चा स्वतंत्रता दिवस” के रूप में मनाने की बात कही थी। राहुल गांधी ने इसी बयान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा था।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि राहुल गांधी का बयान चुनावों में लगातार हार की हताशा का परिणाम है और यह लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास है। इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और कानूनी प्रक्रिया पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।
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