पुलिस से भाग रहे रणवीर इलाहाबादिया ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट-जान से मारने की मिल रही धमकी

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मुंबई। समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े विवाद के बाद रणवीर इलाहाबादिया समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने रणवीर की तलाश शुरू कर दी। वह न तो घर पर मिला और न ही उससे फोन पर पुलिस संपर्क कर पा रही थी। अब उसने इंस्टाग्राम पर सफाई दी है। उसने बताया कि वो भाग नहीं रहा है और उन्हें कोऑपरेट कर रहे हैं। उसने बताया कि उन्हें पुलिस और भारत की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन उन्हें जान से मारने और उनकी फैमिली को चोट पहुंचाने की धमकियां मिल रही हैं।

रणवीर ने अपने इंस्टा पोस्ट पर लिखा है कि मैं और मेरी टीम पुलिस और दूसरी सभी अथॉरिटीज के साथ कोऑपरेट कर रहे हैं। मैं उचित प्रक्रिया का पालन करूंगा और सभी एजेंसीज की चांज में मदद करूंगा। उन्होंने पैरेंट्स कहा है कि पैरेंट्स को लेकर की गई मेरी टिप्पणी बहुत ही असंवेदनशील और अपमानजनक थी। ये मेरी मोरल रिस्पॉन्सिबिलिटी बनती है कि मैं सही करूं और मैं सच में इसके लिए माफी मांगता हूं रणवीर ने लिखा है कि मुझे लोगों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वो मुझे जाने से मारना चाहते हैं और मेरे परिवार को भी नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। कुछ लोग मेरी मां के क्लीनिक में पेशेंट बनकर घुसे थे। मैं बहुत डरा हुआ हूं और मुझे नहीं पता है कि मैं क्या करूं।

इंडियाज गॉट लेटेंट में की थी टिप्पणी

समय रैना के कॉमेडी शो इंडियाज गॉट लेटेंट में कई लोगों के साथ रणवीर इलाहाबादिया भी जज पैनल में थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने एक कंटेस्टेंट से पैरेंट्स की इंटीमेसी को लेकर अपमानजनक सवाल पूछा था। इसके बाद ये मामला विवादों में गया और रणवीर, समय, और अपूर्वा मखीजा समते कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो की नीति विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा देती है। हमने स्पष्ट किया किया था सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।