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विदेशी फंडिंग विवाद: भारत ने अमेरिकी दखल पर जताई गहरी चिंता
नई दिल्ली: भारत ने अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय चुनाव प्रक्रिया में संभावित दखल और फंडिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को कुछ अमेरिकी गतिविधियों और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी दी गई है, जो बेहद परेशान करने वाली है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस मामले को लेकर संबंधित विभाग और एजेंसियां गहन जांच कर रही हैं, इसलिए इस समय कोई सार्वजनिक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान:
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि “भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बाइडन प्रशासन को 2.1 करोड़ डॉलर देने की क्या जरूरत थी?” उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन किसी खास उम्मीदवार को जिताने की कोशिश कर रहा था।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया:
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अधिकारी इस मामले पर गंभीरता से गौर कर रहे हैं और उचित समय पर आगे की जानकारी दी जाएगी।
क्या यह अमेरिका द्वारा भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप है?
क्या बाइडन प्रशासन भारतीय चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था?
इस मुद्दे पर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह देखने वाली बात होगी!
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