0:00
0:00 left
वक्फ संशोधन विधेयक पर जदयू में घमासान, मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा देने का सिलसिला जारी
विधेयक के समर्थन पर पार्टी नेताओं में नाराजगी
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर बिहार में सियासी उबाल तेज हो गया है। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी द्वारा विधेयक के समर्थन में लिए गए रुख से नाराज होकर चार मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है।
इस्तीफा देने वाले नेताओं के नाम
इस्तीफा देने वालों में शामिल हैं:
-
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक
-
प्रदेश महासचिव मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग
-
भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन
-
पूर्वी चंपारण जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता कासिम अंसारी
इन सभी नेताओं ने वक्फ संशोधन विधेयक पर जदयू के रुख को लेकर गहरी नाराजगी जताई है।
शाहनवाज मलिक की चिट्ठी में नाराजगी का इजहार
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक ने अपने इस्तीफे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए लिखा,
“हम जैसे लाखों-करोड़ों मुसलमानों को विश्वास था कि आप सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं। लेकिन वक्फ संशोधन अधिनियम 2024 पर जदयू के रुख ने उस विश्वास को तोड़ दिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री और पार्टी नेता ललन सिंह के विधेयक के समर्थन में दिए बयान से मुस्लिम समाज आहत है। यह विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है और संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
पार्टी छोड़ने पर जताया अफसोस
शाहनवाज मलिक ने यह भी लिखा कि,
“अब मुझे अफसोस हो रहा है कि हमने अपने जीवन के कई कीमती वर्ष इस पार्टी को दिए। इसलिए मैं स्वेच्छा से जदयू से इस्तीफा दे रहा हूं।”
इस घटनाक्रम से साफ है कि वक्फ संशोधन विधेयक पर जदयू के स्टैंड ने पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक नेताओं के बीच गहरी असहमति पैदा कर दी है, जिससे चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
👉 यह भी पढ़ें:
- वक्फ संशोधन विधेयक को मिला समर्थन: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुस्लिम महिला बोर्ड और वक्फ अध्यक्ष ने रखा पक्ष
- वक्फ संशोधन बिल पर मायावती का बयान: “जल्दबाज़ी में लाया गया, पार्टी मुस्लिम समाज के साथ खड़ी होगी”
- नीतीश कुमार को वक्फ बिल का समर्थन करना पड़ा महंगा, दो मुस्लिम नेताओं ने जदयू से दिया इस्तीफा
- वक्फ संशोधन विधेयक पर सोनिया गांधी का सरकार पर हमला
- वक्फ संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार का रुख साफ



