नई दिल्ली। तीसरी बार देश की सत्ता पर काबिज भाजपा के चंदे की रफ्तार रॉकेट की गति पकड़ चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में भाजपा को चंदे में 2243 करोड़ रुपये मिले हैं, जो कि 2022-23 की तुलना में 1524 करोड़ रुपए अधिक हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक दलों ने 20 हजार रुपए से ऊपर के डोनेशन का ब्यौरा चुनाव आयोग को उपलब्ध करवाया है। इसके मुताबिक पूरे वित्तीय वर्ष में राजनीतिक दलों को 2544.278 करोड़ से ज्यादा की राशि चंदे के रूप में मिली है।
भाजपा को वित्तीय वर्ष 2022-23 के 719.858 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2,243.94 करोड़ रुपए चंदा मिला है। यह 211.72 फीसदी की बढ़ोतरी की ओर इशारा करता है। एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह कांग्रेस को मिलने वाला चंदा वित्तीय वर्ष 2022-23 में 79.924 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 281.48 करोड़ रुपये हो गया, जो 252.18 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है।
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कांग्रेस को मिले 281 करोड़ रुपए
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय दलों को मिले कुल घोषित चंदे की राशि 2,544.28 करोड़ रुपये है जो कि 12,547 दानदाताओं से मिला है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 199 फीसदी अधिक है। अकेले बीजेपी के घोषित दान का कुल हिस्सा 88 फीसदी है। कांग्रेस 1994 लोगों से मिले 281.48 करोड़ रुपये के चंदे के साथ दूसरे स्थान पर है।
आप के चंदे में भारी गिरावट
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 में आप और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीईपी) के चंदे में भारी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में 2023-24 में आप को मिले चंदे में 70.18 फीसदी यानी 26.038 करोड़ रुपये की कमी आई और आम आदमी पार्टी को करीब 11 करोड़ रुपए का ही चंदा मिला है।


