एक साल में 200 फीसदी की रफ्तार से भागा भाजपा का चंदा, कांग्रेस की रकम कम फिर भी ग्रोथ 252 फीसदी

Date:

नई दिल्ली। तीसरी बार देश की सत्ता पर काबिज भाजपा के चंदे की रफ्तार रॉकेट की गति पकड़ चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में भाजपा को चंदे में 2243 करोड़ रुपये मिले हैं, जो कि 2022-23 की तुलना में 1524 करोड़ रुपए अधिक हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक दलों ने 20 हजार रुपए से ऊपर के डोनेशन का ब्यौरा चुनाव आयोग को उपलब्ध करवाया है। इसके मुताबिक पूरे वित्तीय वर्ष में राजनीतिक दलों को 2544.278 करोड़ से ज्यादा की राशि चंदे के रूप में मिली है।

भाजपा को वित्तीय वर्ष 2022-23 के 719.858 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2,243.94 करोड़ रुपए चंदा मिला है। यह 211.72 फीसदी की बढ़ोतरी की ओर इशारा करता है। एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह कांग्रेस को मिलने वाला चंदा वित्तीय वर्ष 2022-23 में 79.924 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 281.48 करोड़ रुपये हो गया, जो 252.18 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है।

कांग्रेस को मिले 281 करोड़ रुपए

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय दलों को मिले कुल घोषित चंदे की राशि 2,544.28 करोड़ रुपये है जो कि 12,547 दानदाताओं से मिला है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 199 फीसदी अधिक हैअकेले बीजेपी के घोषित दान का कुल हिस्सा 88 फीसदी है। कांग्रेस 1994 लोगों से मिले 281.48 करोड़ रुपये के चंदे के साथ दूसरे स्थान पर है।

आप के चंदे में भारी गिरावट

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 में आप और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीईपी) के चंदे में भारी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में 2023-24 में आप को मिले चंदे में 70.18 फीसदी यानी 26.038 करोड़ रुपये की कमी आई और आम आदमी पार्टी को करीब 11 करोड़ रुपए का ही चंदा मिला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

गेहूं खरीदी लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख टन हुआ भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। सीएम डॉ.मोहन यादव के आग्रह पर केंद्र सरकार ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। अब राज्य में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। सीएम यादव ने इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का आभार माना है। सीएम ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी इस खुशखबरी की जानकारी सीएम यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। सीएम ने लिखा- मध्यप्रदेश के किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय... प्रदेश में इस वर्ष गेहूं उत्पादन बढ़ा है, इसलिए राज्य सरकार ने भारत सरकार से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया था। मुझे प्रसन्नता है कि केंद्र सरकार ने तत्परता दिखाते हुए कोटा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। गेहूं खरीदी चरणबद्ध तरीके से पहले छोटे किसानों, फिर मध्यम और बाद में बड़े किसानों से की जाएगी। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी एवं माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @JoshiPralhad जी का प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय किसानों के परिश्रम का सम्मान है, उन्हें उचित मूल्य दिलाने की दिशा में सशक्त कदम है। गेहूं के लिए 19.04 लाख किसानों ने कराया पंजीयन प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 3 लाख अधिक है। अब तक 2.21 लाख किसानों से 95.17 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। इनमें से 75.57 लाख क्विंटल गेहूं का परिवहन भी हो चुका है। सरकार ने गेहूं बेचने वाले 1.06 लाख किसानों को अब तक 1091.33 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण निर्यात कम पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते गेहूं निर्यात कम हो रहा है। वहीं, बारदानों की समस्या के चलते सरकार ने जूट बैग, पीपी बैग और अन्य विकल्पों की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कर लिया। सरकार का कहना है कि फिलहाल खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। प्रदेश में किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।