नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर पर जानकारी देने के लिए आज गुरुवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें केंद्र सरकार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू– कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर जो हमले किए, उसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को भरोसा दिलाया कि अगर पाकिस्तान भारत में हमले करता है तो देश की सेना मुंहतोड़ जवाब देगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से सभी दलों को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी गई। सभी नेताओं को धन्यवाद। जैसा सोचा था वैसा ही सभी ने सहयोग दिया। बैठक बहुत ही सकारात्मक थी। हम बैठक से एकजुट होकर बाहर निकले हैं। किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक में सभी नेताओं ने अपने सुझाव दिए। सभी नेताओं ने ऐसे समय में परिपक्वता दिखाई है जब हम सब मिलकर काम कर रहे हैं। सभी ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सशस्त्र बलों की सराहना और बधाई दी है। साथ ही कहा है कि हम सरकार और सशस्त्र बलों का समर्थन करेंगे। हमें कुछ सुझाव भी मिले हैं।
राहुल गांधी ने कहा-हम सरकार के साथ
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम सरकार के साथ हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संकट की घड़ी में हम सरकार के साथ हैं। खरगे ने कहा, बैठक में हमने सुना कि वे (केंद्र) क्या कहना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ गोपनीय जानकारी बाहर साझा नहीं की जा सकती। हमने उनसे कहा कि हम सब सरकार के साथ हैं।
ओवैसी ने कहा-टीआरएफ पर लगे बैन
सर्वदलीय बैठक के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए हमारे सशस्त्र बलों और सरकार की सराहना की है। मैंने यह भी सुझाव दिया कि हमें रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ एक वैश्विक अभियान चलाना चाहिए। मैंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को अमेरिका से टीआरएफ को आतंकवादी संगठन के रूप में नामित करने का अनुरोध करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पहलगाम में आतंकी हमले में द रेजिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ)का नाम सामने आया था। इस आतंकी संगठन ने हमले के बाद इसकी जिम्मेदारी ली थी। टीआरएफ लश्कर का ही प्रॉक्सी संगठन है।
अधिकांश दल बैठक में आए
इस बैठक में कांग्रेस, टीएमसी और लेफ्ट के अलावा कई अन्य दलों के नेता भी शामिल हैं। अन्य विपक्षी नेताओं में समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले, बीजद के सस्मित पात्रा और माकपा के जॉन ब्रिटास शामिल थे. इनके अलावा जद (यू) नेता संजय झा, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान व एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक का हिस्सा थे।


