👉 यह भी पढ़ें:
- IND vs ENG: टीम इंडिया का T20 सिंहासन छिना! इंग्लैंड बना दुनिया की नई नंबर-1 टीम, क्या खत्म हो गया भारत का दबदबा?
- IND vs ENG: अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर का तूफान, लेकिन बारिश ने छीनी भारत की जीत
- आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, श्रेयस अय्यर कप्तान, वैभव सूर्यवंशी को भी मिला स्थान
- किसी को भी बाहर करो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका दो” — मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान
- दुनिया को हमने एक बार फिर दिखा दिया हम हैं ‘टीम इंडिया’
- न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया घोषित, श्रेयस अय्यर की वापसी, हार्दिक और बुमराह को नहीं मिला स्थान
0:00 left
सुपर-8 में हार के बाद टीम इंडिया पर दबाव: जिम्बाब्वे मुकाबले से पहले बड़े बदलाव के संकेत
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में 76 रन की करारी हार के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया है। इस शिकस्त के बाद टीम प्रबंधन अब अगले मैच में बदलाव के मूड में नजर आ रहा है। गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले में बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल संभव है।
खराब फॉर्म से जूझ रहे तीन बल्लेबाजों में से कम से कम एक को बाहर किया जा सकता है। शीर्ष क्रम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाजों को उतारने की रणनीति की भी समीक्षा की जा रही है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी रियान टेन डोएशे और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने संकेत दिए हैं कि अंतिम एकादश पर गंभीर मंथन चल रहा है।
टूर्नामेंट में बने रहने के लिए भारत को अब अपने अगले दोनों मुकाबले जीतना अनिवार्य है। ऐसे में अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह के प्रदर्शन पर खास नजर है। इन तीनों से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन अब तक वे प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे हैं।
अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन विशेष रूप से निराशाजनक रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने केवल 15 रन बनाए, जबकि अमेरिका, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के विरुद्ध खाता भी नहीं खोल सके। आक्रामक शुरुआत के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक अब तक लय हासिल नहीं कर पाए हैं।
तिलक वर्मा ने पांच मैचों में 107 रन बनाए हैं, लेकिन उनका औसत 21.40 रहा है, जो टीम की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं माना जा रहा। वहीं फिनिशर की भूमिका निभाने वाले रिंकू सिंह ने पांच मैचों में मात्र 24 रन बनाए हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में उपकप्तान अक्षर पटेल को अंतिम एकादश से बाहर रखने के फैसले की भी आलोचना हो रही है। अक्षर ने अमेरिका, नामीबिया और पाकिस्तान के विरुद्ध प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद उन्हें जगह नहीं मिली।
रियान टेन डोएशे ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह रणनीतिक आधार पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि अंतिम एकादश को लेकर पिछले कुछ दिनों में गहन विचार-विमर्श हुआ और मुकाबले की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर संयोजन तय किया गया। उनके अनुसार, टीम को आठवें बल्लेबाज के विकल्प की जरूरत थी और उसी आधार पर निर्णय लिया गया।
टीम प्रबंधन अब जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले को निर्णायक मानते हुए संतुलित संयोजन के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।



